जींद। सब्जियों के बढ़े भाव ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। इससे मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए सब्जी खरीदकर खाना मुश्किल हो रहा है। शिमला मिर्च का भाव 50 से बढ़कर 60 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। साथ ही मटर, टिंडा, गोभी, मिर्च, टमाटर के दाम भी बढ़ गए हैं। हालांकि ग्रामीण स्तर पर मंडी में सब्जियों की सप्लाई लगातार हो रही है, जिससे कुछ राहत भी मिल रही है।
स्थानीय सब्जी मंडी में मटर पंजाब की तरफ से आता है। इसी तरह टिंडा, टमाटर, गोभी भी बाहर से आती है जबकि तोरई, घीया, फूल गोभी, पत्तागोभी, खीरा ग्रामीण क्षेत्र से आता है। सब्जियों के बढ़े दामों का मुख्य कारण स्थानीय और बाहरी क्षेत्र से शहर की सब्जी मंडी में हरी सब्जियों की आवक कम होना बताया जा रहा है। दो सप्ताह में अधिकतर सब्जियों के दाम पांच से दस रुपये बढ़ चुके हैं। मांसाखोर विक्की ने बताया कि मंडी में बाहर से हरी व अन्य सब्जियों की आवक कम हो रही है। इस वजह से सब्जियों के दाम बढ़े हुए हैं। वहीं आमजन का कहना है कि बाजार में सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। समझ में नहीं आता क्या सब्जी खरीदें और क्या नहीं। कोई भी सब्जी 40 रुपये प्रति किलो से नीचे नहीं है।
यह हैं सब्जियों के दाम (प्रति किलो)
सब्जी
अब
एक सप्ताह पहले
मटर
80
60
गाजर
40
30
शिमला मिर्च 60
50
टिंडा
40
30
गोभी
25
20
मिर्च
60
50
खीरा
25
20
करेला
40
50
बैंगन
30
25
आलू, प्याज और टमाटर के दाम दे रहे राहत
लोगों को आलू, प्याज व टमाटर के दाम राहत दे रहे हैं। आलू पहले जहां 40 रुपये प्रति किलो था वहीं अब यह 25-30 रुपये प्रति किलो मिल रहा है। प्याज जहां 50 रुपये प्रति किलो बिक रहा था वहीं अब यह 40 रुपये प्रति किलो मिल रहा है। टमाटर जहां 40 रुपये प्रति किलो मिल रहा था। वहीं अब 30 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मिल रहा है।
नई फसलों की आवक के साथ सब्जियों और अनाजों के दाम में नरमी आ जाती है। जींद मंडी में मटर पंजाब की तरफ से आता है, इसकी आवक कम है। इसके चलते मटर के दाम में कुछ उछाल है। वहीं ग्रामीण स्तर पर सब्जियों की आवक हो रही है।
मोहित गुंबर, प्रधान, आढ़ती वेलफेयर एसोसिएशन, नई सब्जी मंडी