फोटो 2 नरवाना। तालाब खुदाई के कार्य में कस्सी से मिट्टी डालते हुए एडीसी प्रदीप कुमार। संवाद।
नरवाना। ग्रामीण श्रमिकों को अधिक रोजगार देने और गांवों में विकास कार्यों को तेज करने के उद्देश्य से शुरू की गई वीबीजी रामजी योजना का जिला स्तरीय शुभारंभ वीरवार को धरोदी गांव से हुआ। एडीसी प्रदीप कुमार ने तालाब की मिट्टी खुदाई और उठान कार्य में श्रमिकों के साथ श्रमदान कर योजना की शुरुआत की।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पहले से चल रही मनरेगा योजना में बदलाव कर इसे वीबीजी रामजी योजना के रूप में लागू किया है। अब ग्रामीण श्रमिकों को साल में 100 दिन की बजाय 125 दिन रोजगार की गारंटी मिलेगी। इससे उनकी आय बढ़ेगी और जरूरत के समय अतिरिक्त रोजगार भी मिल सकेगा।
एडीसी ने बताया कि योजना के तहत अब तालाब, नहर, माइनर, राजवाहा, वाटर वर्क्स, स्कूल, श्मशान घाट, जल संरक्षण, पौधरोपण, खेतों के रास्तों की मरम्मत, सफाई और सुदृढ़ीकरण जैसे कई सार्वजनिक विकास कार्य किए जाएंगे। इसके अलावा गोशालाओं में छप्पर और पशुपालकों के घरों में पशु शेड बनाने जैसे व्यक्तिगत कार्य भी योजना में शामिल किए गए हैं।
समय पर काम नहीं मिला तो मिलेगा रोजगार भत्ता, श्रमिकों के अधिकार होंगे मजबूत
एडीसी ने कहा कि यदि तय समय के भीतर श्रमिकों को काम नहीं मिलता है तो उन्हें रोजगार भत्ता भी दिया जाएगा। इससे श्रमिकों के अधिकार और मजबूत होंगे। उन्होंने बताया कि एक जुलाई से पूरे देश में लागू हुई यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस मौके पर बीडीपीओ तरुण सुथार, कार्यक्रम अधिकारी राकेश कुमार, जेई विनोद कुमार, एबीपीओ बलिंद्र सिंह और जयपाल ढोबी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।