फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को अब दिखाना होगा टीकाकरण प्रमाणपत्र

विज्ञापन
विज्ञापन
स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को अब अपना टीकाकरण प्रमाणपत्र दिखाना होगा। यदि इन कर्मचारियों या अधिकारियों ने अभी तक वैक्सीन नहीं लगवाई है तो उसका कारण बताना होगा। यदि ठोस कारण नहीं बता पाए तो कार्रवाई हो सकती है।
विज्ञापन

जिले में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लगभग आठ हजार कर्मचारी और अधिकारी हैं। इनमें से अभी तक 6687 ने पहली तथा 3570 ने कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाई है। लगभग 1500 ऐसे कर्मचारी एवं अधिकारी हैं, जिन्होंने अभी तक वैक्सीन नहीं लगवाई है। जिले में 16 जनवरी से कोरोना वैक्सीन लगाने का अभियान शुरू हुआ था। सबसे पहले स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों को ही वैक्सीन लगानी शुरू की गई थी। सवा पांच महीने बाद अभी तक 6687 स्वास्थ्य कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगवाई है। जबकि 3567 ने दूसरी डोज लगवाई है। इतने दिन बाद भी स्वास्थ्य कर्मचारियों एवं अधिकारियों द्वारा कोरोना वैक्सीन नहीं लगवाने पर स्वास्थ्य विभाग अब सख्त हो गया है। जिले में सरकारी व निजी स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लगभग आठ हजार कर्मचारी हैं। इनमें आशा वर्कर से लेकर चिकित्सक तक शामिल हैं। अभी तक जिन 1500 लोगों ने वैक्सीन नहीं लगवाई है उसका कारण जानने के लिए स्वास्थ्य निदेशालय ने अब सभी कर्मचारियों एवं अधिकारियों से टीकाकरण प्रमाणपत्र मांगे हैं। जिन लोगों ने वैक्सीन नहीं लगवाई है, उनसे ठोस कारण पूछा है। सही कारण नहीं बताने वाले कर्मचारियों या अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। क्योंकि यदि कोई स्वास्थ्य विभाग का ही अधिकारी या कर्मचारी वैक्सीन नहीं लगवाता है तो इससे अन्य लोगों में भी वैक्सीन के प्रति विश्वास नहीं बढ़ पाता।
सभी कर्मचारियों एवं अधिकारियों से टीकाकरण प्रमाणपत्र मांगे गए हैं। कुछ लोगों ने वैक्सीन नहीं लगवाई है। वैक्सीन नहीं लगवाने के कुछ कारण भी हो सकते हैं, जैसे पॉजिटिव आने के तीन महीने तक वैक्सीन नहीं लगवाई जा सकती। किसी गंभीर बीमारी के कारण भी वैक्सीन नहीं लगाई जा सकती। सभी कर्मचारियों व अधिकारियों को पत्र लिखा जा चुका है। स्वास्थ्य निदेशालय ने यह रिपोर्ट मांगी है। कार्रवाई करने या नहीं करने के फिलहाल कोई निर्देश नहीं मिले हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

डॉ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें