अमरावली खेड़ा गांव की पंचायत की जमीन का इंतकाल गलत व खुर्द-बुर्द करने के जुर्म में अदालत ने तत्कालीन नायब तहसीलदार, कानूनगो और पटवारी को तीन-तीन साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषियों पर 12-12 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर दोषियों को तीन माह की अतिरिक्त सजा काटी होगी।
अदालत में चले अभियोग में अमरावली खेड़ा गांव में पंचायत की साढ़े 12 एकड़ भूमि का 2006 में दूसरे के नाम इंतकाल दर्ज करने और बाद में पंचायत की दुकानों को संबंधित व्यक्ति द्वारा तोड़े जाने पर सरपंच ने एसडीएम से शिकायत की थी। एसडीएम ने जांच कर डीसी को इस मामले की रिपोर्ट दी, जिसके आधार पर 27 मार्च 2006 को नायब तहसीलदार चंद्रभान, कानूनगो मांगे राम और पटवारी सुबे सिंह के खिलाफ पिल्लूखेड़ा थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया। इसके बाद मामला सफीदों अदालत में चला, जहां से आरोपियों को बरी कर दिया गया था। इसके बाद मामले को लेकर वर्ष 2015 में सेशन कोर्ट में याचिका दायर की गई। इस पर सेशन जज की कोर्ट ने मंगलवार को फैसला सुनाते हुए तत्कालीन नायब तहसीलदार चंद्रभान, कानूनगो मांगेराम और पटवारी सुबे सिंह को दोषी करार देते हुए तीन-तीन साल कैद और 12-12 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।