30जेएनडी07-उल्लास योजना के तहत दूसरे चरण की परीक्षा में भाग लेती महिलाएं। स्रोत शिक्षा विभाग
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जींद। शिक्षा विभाग की ओर से 15 से 80 वर्ष के निरक्षर शिक्षार्थी को जोड़ने के लिए उल्लास योजना के तहत द्वितीय चरण की परीक्षा जिले के 317 परीक्षा केंद्रों पर करवाई गई। रविवार को 4200 से अधिक अभ्यर्थियों ने यह परीक्षा दी है।
परीक्षा का समय सुबह दस बजे से लेकर शाम पांच बजे तक रहा। इसमें 15 साल से अधिक उम्र के व्यवस्क अभ्यर्थियों ने भाग लिया। जल्द ही दूसरे चरण की परीक्षा का परिणाम घोषित होगा। जबकि विभाग की ओर से पिछले साल सितंबर माह में पहले चरण की परीक्षा जिले के सभी 724 राजकीय स्कूलों में करवाई गई थी। पहले चरण की परीक्षा में 18 हजार 295 शिक्षार्थी उत्तीर्ण हुए थे।
दरअसल उल्लास कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत सभी के लिए शिक्षा लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए चलाया जा रहा है। योजना के तहत वालंटियर शिक्षक सर्वे कर रहे हैं और घरों में ही शिक्षार्थी को पढ़ा रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सिफारिशों के अनुसार भारत सरकार ने 2022 से पांच साल की अवधि के लिए न्यू इंडिया लिटरेसी प्रोग्राम नामक उल्लास नामक केंद्र प्रायोजित योजना शुरू की।
योजना का प्राथमिक उद्देश्य 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी लोगों को सशक्त बनाना है, जिन्हें खुद को शिक्षित करने का अवसर नहीं मिला है। यह न केवल शिक्षार्थियों को पढ़ने, लिखने और संख्यात्मक कौशल प्राप्त करने की अनुमति देता है, बल्कि आजीवन सीखने को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें महत्वपूर्ण जीवन कौशल की समझ के साथ समृद्ध भी करता है। यह योजना स्वयंसेवा, सामाजिक जिम्मेदारी और कर्तव्य की भावना या कर्तव्यबोध को बढ़ावा देने के माध्यम से कार्यान्वित की जा रही है। इसके अलावा उल्लास मोबाइल एप के माध्यम से क्षेत्रीय भाषाओं में सामग्री तक पहुंचने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।