जींद। ऑस्ट्रेलिया भेजने के नाम पर दो भाइयों से 50 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि मलेशिया में अगवा कर 10 लाख भी वसूले गए। नरवाना पुलिस ने सुदकैन खुर्द निवासी सतीश, उझाना गांव निवासी रामकरण और दिल्ली में युवकों की निगरानी के लिए तैनात अशोक और पांडे के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
कैथल जिले के गांव किठाना निवासी मोहम्मद गुलाब ने पुलिस में दर्ज कराई एफआईआर में बताया है कि वह अपने बेटे साहिल और भतीजे नवीन को विदेश भेजना चाहते थे। उनके एक परिचित ने जींद के सुदकैन खुर्द निवासी सतीश से उनकी मुलाकात कराई। सतीश ने बताया कि उसकी जान पहचान जींद के ही उझाना गांव के रामकरण उर्फ नन्हा हलवाई से है। वह लड़कों को विदेश भेजने का काम करता है।
रामकरण ने दोनों युवकों को ऑस्ट्रेलिया भेजने के नाम पर 35-35 लाख रुपये की मांग की। कहा, दो-दो लाख रुपये पहले देने होंगे और बाकी आधे पैसे जहाज में बैठने से पहले। बकाया राशि पहुंचने पर देनी होगी। 28 दिसंबर 2023 को नरवाना में एजेंट रामकरण को दो लाख रुपये दे दिए। इसके बाद उसने किस्तों में कई बार उन्हें पैसे दिए। 15 जुलाई 2024 तक 39 लाख 83 हजार रुपये जा चुके थे।
20 दिन दिल्ली में रखा, थाईलैंड के रास्ते भेजने का दिया झांसा
रामकरण ने कहा, दोनों युवकों को सीडीसी के तहत भेजेंगे, यह एक तरह का वीजा है। इन युवकों को समुद्री जहाज में कर्मचारी बनाकर ऑस्ट्रेलिया भेजा जाएगा। जब उन्होंने लीगल तरीके से भेजने की बात कही तो 17 जून को साहिल और नवीन को दिल्ली बुलाया गया। रात 11:30 बजे टिकट दिया। उनका श्रीलंका जाने का वीजा लगाया लेकिन वीजा नहीं मिला तो एजेंट के कहने पर 20 दिन दिल्ली में रखा। इसके बाद श्रीलंका के बजाय थाईलैंड मलेशिया के रास्ते ऑस्ट्रेलिया भेजने की बात कही।
10 जुलाई को भेजा जालंधर
एजेंट ने 10 जुलाई को साहिल और नवीन को दिल्ली से कुणाल के पास जालंधर भेज दिया। यहां से दोनों को अमृतसर से दिल्ली और दिल्ली से थाईलैंड पहुंचाया गया। वहां से बस से मलेशिया भेजा गया। मलेशिया पहुंचने पर साहिल और नवीन को अगवा कर लिया गया। मारपीट कर छोड़ने के नाम पर 10 लाख रुपये मांगे गए। इस पर मोहम्मद गुलाब ने रामकरण को 10 लाख रुपये दिए। रामकरण ने कहा कि पैसे वापस कर देगा। दोनों बच्चे तो वापस आ गए लेकिन पैसे अभी तक नहीं मिले हैं।