13जेएनडी08: सीआरएसयू में महात्मा ज्योतिराव फुले और डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य स्टा
जींद। सीआरएसयू में महात्मा ज्योतिराव फुले और डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में सोमवार को अनुसूचित जाति जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ की ओर से तीन दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। पहले दिन विद्यार्थियों को सामाजिक समानता और राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूक किया गया।
कुलपति प्रो. रामपाल सैनी ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री पाने का साधन नहीं, बल्कि चरित्र और तार्किक सोच विकसित करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि शिक्षा वह शेरनी का दूध है जो पीएगा वही दहाड़ेगा।
उन्होंने कहा कि महापुरुषों ने न्याय और समानता की जो अलख जगाई थी, उसे युवा पीढ़ी को आगे बढ़ाना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को महात्मा ज्योतिराव फुले के संघर्षमय जीवन से परिचित कराने के लिए फुले फिल्म दिखाई गई।
13 अप्रैल को जलियांवाला बाग हत्याकांड की बरसी पर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। डॉ. जसबीर सिंह ने युवाओं में देशप्रेम की भावना को प्रबल करने पर बल दिया।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. राकेश सिंहमार ने महात्मा ज्योतिराव फुले द्वारा 1848 में महिला शिक्षा की नींव रखने और कुरीतियों के विरुद्ध उनके संघर्ष पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कैसे डॉ. आंबेडकर ने संविधान के माध्यम से प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार दिलाए। विद्यार्थियों ने महापुरुषों के आदर्शों पर चलकर समतामूलक भारत के निर्माण का संकल्प लिया।