जींद। गुलकनी गांव में किसान आंदोलन के दौरान साल 2002 में जान गंवाने वाले किसानों को श्रद्धांजलि देने के लिए भारतीय किसान यूनियन ने राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें भाकियू के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव टिकैत के अलावा राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सिंह ने शिरकत की। सुबह आठ बजे हवन कर दोपहर को 10 बजे कार्यक्रम शुरू हुआ।
किसान नेताओं ने पहले किसानों की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद किसान नेताओं ने संबोधित करते हुए कहा कि बिजली के बिलों को लेकर प्रदेश भर में साल 1992 से बिजली आंदोलन चला आ रहा है।
साल 2002 में गांव गुलकनी के पास भाकियू के कार्यक्रम के धरने के दौरान जिला प्रशासन ने गोली चलवाई थी। इसमें पुलिस की गोली लगने से नौ किसानों की जान चली गई थी।
जान गंवाने वाले किसानों में राजपुरा भैण गांव के पांच किसान हवा सिंह, दिलबाग, राजेश, महासिंह, ओमप्रकाश गांव गुलकनी निवासी चार किसान बिजेंद्र शर्मा, राम गोपाल, राजबीर, नरेश शामिल हैं। बाद में इन जान गंवाने वाले किसानों के स्टेच्यू यूनियन ने गुलकनी गांव में बनवाए थे। तभी
से हर साल गुलकनी गांव में भाकियू द्वारा किसान शहीदी दिवस मनाया जाता है। नौगामा खाप व भाकियू ने इन किसानों की याद में गुलकनी गांव में स्मारक का निर्माण करवाया हुआ है। कार्यक्रम में प्रदेश के सभी जिलों से किसान पहुंचे और किसान आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों को याद किया गया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामफल कंडेला, प्रदेश अध्यक्ष रतनमान, युवा प्रदेश अध्यक्ष रवि आजाद, जिला अध्यक्ष बारू राम, युवा प्रधान बिंद्र नंबरदार, प्रैस प्रवक्ता रामराजी ढुल, नौगामा खाप के प्रधान सुरेश बहबलपुर, खाप प्रेस प्रवक्ता उमेद जागलान, धर्मपाल घिमाना, जयबीर लोहान राजपुरा भैण मौजूद रहे।
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प्रदेश अध्यक्ष रतनमान और प्रेस प्रवक्ता रामराजी ढुल ने कहा कि भाकियू द्वारा जल्द ही कार्यकारिणी का विस्तार किया जाएगा और इसे गांव-गांव के स्तर पर ले जाया जाएगा। इसके अलावा आंधी और तूफान के कारण जो बिजली के पोल गिरे हुए हैं, उन्हें निगम जल्द से जल्द ठीक करे। आगामी चार-पांच दिनों में इन पोल को सही नहीं किया गया तो भाकियू आंदोलन करेगी।