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समय सारिणी को लेकर परिवहन समिति व रोडवेज कर्मचारी भिड़े

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जींद। परिवहन समिति की बस की समय सारिणी को लेकर शनिवार सुबह रोडवेज कर्मियों और निजी बस ऑपरेटर के बीच हुआ विवाद हो गया। नौबत हाथापाई तक जा पहुंची। विवाद बढ़ता देख दूसरे कर्मियों ने बीच-बचाव करवाया। इसके बाद रोडवेज कर्मियों ने बस अड्डे का गेट बंद कर दिया और इसके बाहर बस खड़ी कर रास्ता बंद कर दिया। रोडवेज कर्मी पांच घंटे तक हड़ताल पर बैठे रहे। इससे करीब पांच घंटे तक बस सेवा बाधित रही। हालांकि विवादित बस को डीटीओ द्वारा जब्त कर लिया गया और रोडवेज महाप्रबंधक गुलाब सिंह दूहन ने विवाद करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद दोपहर दो बजे बस सेवा शुरू हो पाई।
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विवाद को जिला परिवहन अधिकारी डीटीओ और रोडवेज महाप्रबंधक ने मामले को निपटवाया। जिन बसों की समय सारिणी को लेेकर विवाद हुआ था, उन बसों को जब्त कर दिया गया है और जब तक स्थायी समय सारिणी नहीं आती, तब तक इन बसों को नहीं चलाया जाएगा। प्राइवेट बस यूनियन के प्रधान राजेश बांगड़ व बस संचालक राकेश बूरा ने बताया कि कोर्ट के आदेशों पर उनकी नौ नई बस विभिन्न रूटों के लिए आई हैं। इन बस की समयसारिणी भी डीटीओ कार्यालय द्वारा जारी की गई है। इसके हिसाब से रोडवेज जीएम को अवगत करवाने के बाद शनिवार सुबह सवा नौ बजे बस काउंटर पर लगाई। जैसे ही बस यात्रियों को लेकर बूथ से निकली तो रोडवेज कर्मचारियों ने बस के आगे आकर यात्रियों को उतारना शुरू कर दिया। निजी बस चालकों का कहना है कि इस पर बस का परमिट और समयसारिणी दिखाई, जिसे रोडवेज कर्मचारियों ने फाड़ दिया। आरोप है कि इस पर रोडवेज कर्मचारियों ने उनके साथ हाथापाई भी की। उससे टिकट का बैग भी छीन लिया। इसके बाद रोडवेज कर्मियों ने बस अड्डे का गेट बंद कर दिया और उनकी बस को वहीं रोक दिया। वहीं दूसरी तरफ रोडवेज कर्मियों ने वर्कशाप के बाहर धरना देकर नारेबाजी शुरू कर दी।
घटना की सूचना मिलने पर सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और बस अड्डे का गेट खुलवाने की कोशिश की तो रोडवेज कर्मचारी निजी बस संचालक पर कार्रवाई की मांग को लेकर अड़ गए। इसके बाद डीएसपी पुष्पा खत्री मौके पर पहुंचीं और दोनों पक्षों की शिकायत लेने के बाद 11 बजे बस अड्डे का गेट खोला गया। वहीं रोडवेज कर्मी दोपहर दो बजे तक धरने पर बैठे रहे। इसके बाद ही बस सेवा सामान्य हो सकी।
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दोपहर बाद डीटीओ और जीएम ने निपटवाया मामला
दोपहर दो बजे तक रोडवेज कर्मियों के धरने पर बैठे रहने के बाद डीटीओ प्रतीक हुड्डा और जीएम गुलाब सिंह दूहन मौके पर पहुंचे। यहां रोडवेज कर्मचारी नेता राजकुमार रधाना, आजाद गिल ने कहा कि निजी बस संचालकों ने टाइम टेबल तो बना ली, लेकिन इसके बार में रोडवेज प्रबंधन को जानकारी ही नहीं दी गई, जबकि निजी बस संचालक राकेश बूरा ने कहा कि उन्होंने रोडवेज महाप्रबंधक कार्यालय को इससे दो दिन पहले ही अवगत करवा दिया था। एक घंटे की बैठक के बाद मामला निपटवाया गया। डीटीओ प्रतीक हुड्डा ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेशों पर बस चलाने के लिए अस्थायी समय सारिणी दी गई थी। अगले बुधवार को सभी महाप्रबंधक और दूसरे अधिकारियों के साथ बैठक कर टाइम टेबल जारी की जाएगी।
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स्थायी समयसारिणी जारी होने तक नहीं चलेंगी बस : जीएम
जीएम गुलाब सिंह दूहन ने बताया कि जब तक स्थायी समयसारिणी जारी नहीं होती, तब तक नई निजी बस की इंट्री बस अड्डे पर नहीं होने दी जाएगी। जिन निजी बस आपरेटरों ने रोडवेज कर्मियों के साथ हाथापाई की है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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