जींद। शहर के व्यस्ततम चौक में शामिल पुराना बस अड्डा चौक पर रविवार को यातायात सिग्नल बंद रहने से यातायात व्यवस्था चरमरा गई। पूरे दिन वाहन चालकों को यहां पर हादसे का डर सताता रहा।
शहरवासी अजय, जयपाल, अनिल आदि ने कहा कि चौक से प्रतिदिन करीब 10 हजार वाहनों का आवागमन होता है। ऐसे में यातायात सिग्नल का बंद रहना बड़ी समस्या बन गया। सुबह से लेकर देर शाम तक इसमें तकनीकी खराबी बनी रही लेकिन इसे ठीक कराने के लिए संबंधित विभाग की ओर से कोई त्वरित कार्रवाई नजर नहीं आई।
यातायात सिग्नल होने से न केवल जाम की स्थिति बनी रही बल्कि हादसों का खतरा भी बढ़ गया। कई बार वाहन आमने-सामने आ गए। रात में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है क्योंकि कम रोशनी में बिना संकेत के चौक पार करना जोखिम भरा हो जाता है। हैरानी की बात यह रही कि व्यवस्था संभालने के लिए मौके पर ट्रैफिक पुलिस कर्मी भी मौजूद नहीं थे।
आमजन का कहना है कि जब यातायात सिग्नल बंद हो तो प्रशासन को तुरंत ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी लगानी चाहिए ताकि यातायात सुचारू रूप से चलता रहे लेकिन पूरे दिन पुलिस कर्मियों की अनुपस्थिति से लोगों में नाराजगी रही।
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इस चौक पर अक्सर यातायात का दबाव रहता है। ऐसे में यातायात सिग्नल बंद होना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को इस समस्या का स्थायी समाधान करना चाहिए ताकि भविष्य में लोगों को परेशानी न उठानी पड़े।
-विकास खोबड़ा, भटनागर कॉलोनी निवासी
यातायात के लिए लगाया गए सिग्नल की नियमित देखरेख की जाए और खराबी आने पर तुरंत मरम्मत सुनिश्चित की जाए। साथ ही व्यस्त चौकों पर वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर यातायात पुलिस कर्मियों की तैनाती अनिवार्य की जाए।
-घनश्याम गोयल, अधिवक्ता
यातायात सिग्नल में यदि किसी तरह की तकनीकी खामी आई तो इसको दुरुस्त करवाया जाएगा। यातायात पुलिस को बत्ती पर मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं। अगर कोई पुलिसकर्मी मौके पर नहीं था तो इसके बारे में भी पता किया जाएगा।
-शमशेर सिंह, यातायात थाना प्रभारी जींद।