जींद। ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा (संबंधित सीटू) की जिला स्तरीय बैठक रविवार को शिव काॅलोनी में राजेंद्र टांक की अध्यक्षता में हुई। बैठक में वक्ताओं ने हरियाणा सरकार की सफाई एवं सीवर कर्मचारियों के प्रति अपनाई जा रही उदासीनता पर रोष प्रकट किया।
यूनियन के जिला सचिव पवन कुमार ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा 24 नवंबर 2024 को जींद में की गई 26-27 हजार रुपये मासिक वेतन की घोषणा केवल कागजों तक सीमित है। इसे धरातल पर लागू नहीं किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि ऑल सफाई कामगार संघर्ष समिति के बैनर तले 27 फरवरी को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा।
कहा कि इसमें नगर पालिका, ग्रामीण सफाई कर्मी, स्कूलों, विश्वविद्यालयों और अस्पतालों में कार्यरत सभी कच्चे, पक्के और ठेका कर्मचारी भाग लेंगे। यूनियन ने सरकार के सामने 12 सूत्री मांग पत्र रखा है। उनकी मुख्य मांगों में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशानुसार सभी कच्चे कर्मचारियों को बिना शर्त पक्का करना, ठेका प्रथा को समाप्त करना और 400 की आबादी पर नए पद सृजित करना शामिल है।
साथ ही जोखिम भरे कार्य को देखते हुए कर्मचारियों के लिए 50 लाख रुपये का बीमा, ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी और 30 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता की मांग की गई है। यूनियन ने स्पष्ट किया कि सफाई कर्मियों को 100-100 गज के प्लॉट, मुफ्त मेडिकल सुविधा और बच्चों को शिक्षा में आरक्षण दिया जाए।
नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि छंटनी किए गए कर्मचारियों की बहाली और वेतन वृद्धि जैसी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को प्रदेश स्तर पर किया जाएगा। इस अवसर पर पूर्व जिला प्रधान ईश्वर बुआना, मनफूल खरेंटी, सुखविंद्र और सीटू नेता कपूर सिंह मौजूद रहे।