इंदिरा और जनता बाजार में कई दिन पहले फूड सेफ्टी विभाग की टीम ने दुकानोें से खाद्य सामग्री के सैंपल लिए थे। इस पर व्यापार मंडल के सदस्यों ने रविवार को पत्रकारवार्ता कर फूड सेफ्टी एंड ड्रग विभाग के अधिकारी पर धमाकर पैसे मांगने के आरोप लगाए हैं। फूड सेफ्टी अधिकारी ने आरोपों को जांच रुकवाने के लिए व्यापारियों का ढोंग बताया है।
व्यापार मंडल के प्रधान महाबीर कंप्यूटर ने फूड सेफ्टी एंड ड्रग विभाग की अधिकारी पर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की दुकानों से जांच के नाम पर जरूरत से ज्यादा सैंपल लिए जा रहे हैं। इनके बदले व्यापारियों को बिल नहीं दिया जा रहा। कई प्रकार की खाद्य सामग्री ज्यादा महंगी होने के कारण व्यापारियों को बहुत ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि सैंपल फेल होने पर जेल जाने का डर दिखाकर व्हाट्सएप कॉल पर रुपये मांगे जाते हैं। व्यापारियों को धमकी दी जाती है। व्यापारमंडल के प्रधान ने प्रशासन से मांग की कि अधिकारी के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।
लॉकडाउन में शहर थाना प्रभारी पर भी लगाए थे आरोप
व्यापारमंडल ने लॉकडाउन में दुकानें बंद करवाने और कोरोना के नियमोें का पालन करवाने पर शहर थाना प्रभारी पर भी बदसलूकी, मारपीट करने और सामान उठाने के आरोप लगाए थे। अब बाजार में सैंपलों की जांच का काम शुरू किया गया तो फूड सेफ्टी विभाग की इंस्पेक्टर पर व्यापारियों ने धमकी देने, रुपये मांगने तथा सैंपल के सामान का बिल नहीं देने के आरोप लगाए हैं।
खाद्य सामग्री की जांच करना उनका कार्य
फूड सेफ्टी विभाग की टीम का कार्य बाजार में खाद्य सामग्री की जांच करना है, ताकि आम आदमी को बेहतर सामान मिले। बाजारों में मिलावटी व नकली खाद्य सामग्री की पहचान करने के लिए सैंपल लिए जाते हैं। व्यापारियों ने उन पर जो आरोप लगाए हैं, अगर वह सही हैं तो उनको इसके सबूत देने चाहिए थे। व्यापारी बाजार में रूटीन की होने वाली जांच को रुकवाना चाहते हैं। अधिकारियों पर झूठे आरोप लगाकर डराने की कोशिश करते हैं, ताकि बाजार मेें होने वाली जांच को प्रभावित किया जा सके। -डॉ. हर्ष कुमारी, फूड एंव सेफ्टी अधिकारी।