21जेएनडी27: खेत में मौजूद बीज कंपनी के अधिकारियों से बातचीत करते हुए किसान। किसान
नरवाना। सोमवार को कृषि व किसान कल्याण विभाग नरवाना की टीम ने गांव दबलैन के खेतों का निरीक्षण किया। जहां धान की फसल में फैल रही बीमारी की स्थिति का जायजा लिया गया। टीम के निरीक्षण में यह सामने आया कि क्षेत्र में फिजी वायरस नामक बीमारी फैल रही है जो धान की फसल को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है।
एसडीओ सुनील दलाल ने जानकारी देते हुए बताया कि यह वायरस पहले से ही कुरुक्षेत्र और अंबाला जिलों में फैल चुका है और इसे लेकर विभाग की ओर से एडवाइजरी भी जारी की जा चुकी है। अब यह बीमारी नरवाना क्षेत्र में भी फैलने लगी है। इससे किसान चिंतित हैं।
उन्होंने बताया कि यह बीमारी एक प्रकार की सफेद मक्खी के कारण फैल रही है जो धान के पौधों के पत्तों का रस चूसती है। जब यही मक्खी दूसरे पौधे पर जाकर रस चूसती है तो संक्रमण फैल जाता है। इस कारण पौधे की जड़ कमजोर हो जाती हैं, गांठें पड़कर वृद्धि रुक जाती है। इससे फसल बौनी रह जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि धान के पौधों का रंग गहरा हरा हो जाता है और पैदावार बुरी तरह प्रभावित होती है। 2022 में भी इसी प्रकार की बीमारी जींद के सफीदों और अलेवा क्षेत्र में देखी गई थी। वहीं सच्चाखेड़ा के किसान राहुल ने बताया कि सोमवार को उनके खेतों में स्विफ्ट गोल्ड बीज कंपनी के अधिकारी भी मौके पर आए थे, लेकिन जब किसानों ने उनसे इस बीमारी बारे पूछा तो वह कुछ नहीं बता पाए।
–अनुसंधान टीम करेगी जांच
फिलहाल विभाग की ओर से इस बीमारी पर नजर रखी जा रही है राइस अनुसंधान केंद्र की एक टीम मौके पर आकर खेतों में वैज्ञानिक जांच करेगी। विभागीय अधिकारियों ने किसानों को सलाह दी है कि वह एडवाइजरी का पालन करें और समय पर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें।
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अन्य कंपनी के बीजों वाली फसलों में 5-10 प्रतिशत बीमारी के लक्षण
अब तक की जांच में क्षेत्र की 5 से 10 प्रतिशत धान अन्य धान की किस्मों की फसल में बीमारी के लक्षण पाए गए हैं। लेकिन यदि समय रहते उपाय नहीं किए गए तो नुकसान बड़ा हो सकता है।