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बहादुरगढ़ के पास मृत मिले हजारों मुर्गे

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बहादुरगढ़ गांव के पास सड़क के किनारे फेंके गए मृत मुर्गे। - फोटो : Jind
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प्रदेश में बर्ड फ्लू दस्तक दे चुका है और खतरा बढ़ रहा है। इसके बावजूद पोल्ट्री फार्मर व पशुपालन विभाग लापरवाही बरत रहे हैं। जींद-सफीदों रोड पर गांव बहादुरगढ़ के पास सड़क किनारे हजारों मरे हुए मुर्गे फेंके गए हैं, लेकिन पशुपालन विभाग को इसकी खबर नहीं है। यह मामला मीडिया में आने के बाद पशुपालन विभाग हरकत में आया और अब जांच की बात कह रहा है। इसके बावजूद कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। हालांकि पशुपालन विभाग ने त्वरित कार्रवाई दल का गठन किया है, लेकिन यह सिर्फ कागजी रहा।
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सफीदों उपमंडल उत्तर भारत का जानामाना पोल्ट्री हब है। जहां पर 150 हेचरी के हजारों ब्रीडिंग व लेयर्स फार्म हैं। इनमें 20 लाख से अधिक मुर्गे होते हैं। ऐसे में यहां अधिक एहतियात बरतने की जरूरत है, जो नजर नहीं आ रही है।
मरे मुर्गे ला सकते हैं आफत
सफीदों क्षेत्र में मरे मुर्गों को अनेक पोल्ट्री फार्मों के कर्मचारी सड़कों व नहरों के किनारे व सुनसान जगहों पर फेंकते रहते हैं। मांस बेचने वाले अनेक लोग भी पोल्ट्री फार्मों से निरंतर संपर्क में हैं। जो मरे मुर्गों को कम दाम में खरीद कर ग्राहकों को परोसते हैं। ऐसे में बर्ड फ्लू जैसी बीमारी के चलते बड़ी आफत हो सकती है।
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विभाग ने त्वरित कार्रवाई (आरआर) टीम का गठन किया हुआ है। पोल्ट्री मालिकों को निर्देश दिए गए हैं कि सावधानी बरतें। मरे हुए मुर्गों की सूचना के बाद टीम को मौके पर भेज दिया गया है। टीम सैंपल लेकर जालंधर लैब भेज देगी। रात को ही मरे हुए मुर्गों को मिट्टी में दबा दिया जाएगा। अगर बिना किसी गंभीर बीमारी के मुर्गे मरते हैं तो भी ऐसे नहीं फेंकना चाहिए।
विरेंद्र सहरावत, एसडीओ, पशुपालन विभाग सफीदों।
भेजी गई है टीम
यह मामला बहुत ही गंभीर है। ऐसे में सूचना मिलते ही टीम को मौके पर भेजा गया। सैंपल लेकर लैब भेजे जाएंगे। मरे हुए मुर्गों को सुरक्षा के साथ दफनाया जाएगा।
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डॉ. रविंद्र हुड्डा, उप पशुपालन निदेशक, जींद।
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