जींद। मंडियों में गेहूं उठान को लेकर इस बार प्रशासन को किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। जिलेभर की मंडियों में उठान व लेबर के पहले तीन बार टेंडर लगाए थे। इनमें से बुधवार को 13 टेंडर जारी हुए। इसमें उठान के 9 तो लेबर के चार हुए। कुल 55 टेंडर में से अब तक 13 ही टेंडर जारी हुए हैं।
जिले की 36 मंडियों में गेहूं उठान के अलग-अलग 55 टेंडर लगाए थे। इनमें 20 टेंडर लेबर के थे तो 35 टेंडर उठान के थे। पहले दो बार लगे टेंडरों के कारण नियमों में बदलाव के कारण ठेकेदारों में हिस्सा नहीं लिया था। अब तीसरी बार ठेकेदारों के शामिल होने की उम्मीद थी, लेकिन इस बार भी टेंडर नहीं हो पाए। बुधवार को 17 टेंडर खोले गए थे। इसमें चार के दस्तावेजों में कमी होने के कारण रद्द किए गए, जबकि 13 को जारी किया गया, अब बाकी के रिटेंडर लगाए गए हैं। इनकी तकनीकी बिड एक अप्रैल को खोली जाएगी। इसमें ठेकेदार शामिल होंगे या नहीं यह समय पर ही पता लग पाएगा।
यह टेंडर हुए जारी
उठान के पिल्लूखेड़ा, जुलाना, जींद, सुदकैनकलां, राजपुरा, फुलियां, नगूरां, काब्रच्छा व दनोदा के टेंडर जारी हुए, जबकि लेबर के उचाना, सफीदों, जुलाना व जींद के हुए हैं।
एक अप्रैल से होनी है गेहूं की खरीद
सरकार के निर्देशानुसार एक अप्रैल से मंडियों में गेहूं की खरीद शुरू होनी है। खरीद के 72 घंटे तक गेहूं उठान का काम पूरा होने के बाद किसानों को पेमेंट जारी करनी होती है। जो रिटेंडर लगाए गए हैं। उनकी तकनीकी बिड एक अप्रैल को खुलेगी। इसके एक से दो दिन बार टेंडर अलॉट किए जाते हैं। इससे इस बार गेहूं के उठान व लेबर को लेकर आढ़ती व किसानों को परेशानी होने का डर है।
13 अप्रैल के बाद बढ़ती है आवक
सरकार की खरीद भले ही एक अप्रैल से शुरू होती है, लेकिन मंडियों में आवक की ज्यादा गति 13 अप्रैल के बाद होती है। 25 अप्रैल तक गेहूं का मंडियों में ज्यादा जोर रहता है। इस दौरान ही किसानों को परेशानी होती है।
जिले की मंडियों में उठान व लेबर के बुधवार को 13 टेंडर हुए हैं। चार टेंडर दस्तावेजों व एक ही ठेकेदार के आवेदन करने के कारण रद्द हुए हैं। कुल 55 टेंडर लगाए गए थे, बाकी टेंडर को दोबारा लगाया गया है। इनकी तकनीकी बिड एक अप्रैल को खुलेगी।
-राजेश आर्य जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक जींद।