गांव रसीदां की एक बस्ती की महिलाओं ने गढ़ी पुलिस पर मारपीट व घरों में तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया है। वहीं गढ़ी थाना प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि शुक्रवार सुबह रसीदां गांव में आरोपी को निशानदेही के लिए लेकर गई थी। इस दौरान महिलाओं ने हंगामा शुरू कर दिया। जिसके बाद पुलिस की टीम लौट गई। पुलिस ने वहां पर किसी के साथ मारपीट नहीं की।
रसीदां गांव निवासी रवीना, बाला, सुमन और सन्नी ने बताया कि हम लोग सुबह अपने घरों में सोए हुऐ थे। सुबह लगभग छह बजे पुलिस उनके घरों में दरवाजों पर पहुंची और जो भी आगे आया उसके साथ मारपीट करने लगी। पुलिस द्वारा गाली गलौज भी किया गया। जो लोग गेट नहीं खोल रहे थे उनके गेट तोड़ दिए गए। महिला बाला, सुमन और रवीना ने बताया कि इस दौरान उन्हें चोटें भी आई हैं।
आईजी ने रसीदां गांव से शुरू किया था नशा व हिंसा मुक्त मेरा गांव मेरी शान अभियान
हिसार रेंज के आईजी राकेश कुमार आर्य ने तीन फरवरी को हरियाणा पंजाब बॉर्डर पर स्थित रसीदा गांव से नशा व हिंसा मुक्त मेरा गांव मेरी शान अभियान की शुरूआत की थी। पुलिस के अनुसार रसिदां गांव पंजाब की सीमा से लगता हरियाणा का गांव है और यहां से नशे की तस्करी बड़े स्तर पर होती है इसलिए पुलिस प्रशासन द्वारा रसीदां गांव को चिह्नित किया था।
11 फरवरी को पुलिस की टीम पर हुआ था हमला
आईजी द्वारा अभियान की शुरू किए जाने के बाद जब 11 फरवरी को गढ़ी पुलिस रसीदां गांव के लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करने पहुंची थी तो उसी दौरान कुछ लोगों ने पुलिस की टीम की हमला कर दिया था। इस दौरान पुलिस की गाड़ी का शीशा टूट गया और पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे। इसके बाद गढ़ी पुलिस ने आठ लोगों को नामजद कर अन्य 20 लोगों के खिलाफ पुलिस पर हमला करने सहित अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। जिसके बाद पुलिस ने अजय निवासी रसीदां को गिरफ्तार किया था और कोर्ट के आदेश पर उसे दो दिन के रिमांड पर लिया गया। रिमांड के दौरान पूछताछ में अजय ने पुलिस को जो बताया कि उसकी निशानदेही के लिए पुलिस शुक्रवार सुबह रसीदां गांव में पहुंची लेकिन फिर से वहां हंगामा हो गया। इस बार आरोप पुलिस पर लगे हैं।
महिलाओं के साथ मारपीट करने व घरों में तोड़फोड़ करने के आरोप निराधार
पुलिस की टीम पर हमला करने वाले अजय को पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया था। शुक्रवार सुबह अजय को निशानदेही के लिए पुलिस की टीम गांव में लेकर गई थी। महिलाओं ने फिर वही घटना दोहराने का प्रयास किया लेकिन शांति व्यवस्था को देखते हुए पुलिस लौट आई। पुलिस द्वारा महिलाओं के साथ मारपीट करने व घरों में तोड़फोड़ करने के आरोप निराधार है।
-डॉ. सुनील कुमार, एसएचओ, गढ़ी थाना।