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भाई की हर चालाकी से गहराता गया बहन सपना का शक

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विमला के घर में लटका फंदा, जिस पर उसे लटकाया गया था। अमर उजाला - फोटो : Jind
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शहर के शर्मा नगर में रहने वाली 48 वर्षीय विमला की हत्या उसके ही 22 वर्षीय बेटे विनोद ने बहुत ही शातिर तरीके से किया। लेकिन उसकी चालाकियों के कारण उसकी बहन सपना का शक गहराता गया और उसने इसकी सूचना पुलिस को दी। अब पुलिस विनोद और उसके दोस्त आशु की तलाश कर रही है। सपना ने पुलिस को बताया कि सोमवार को हत्या वाले दिन विनोद ने उससे कहा था कि तुम मां की हत्या कर दो।
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विमला मूल रूप से हिसार जिले के गामड़ा गांव की रहने वाली थी। उसके पति की मौत करीब 15 साल पहले हो गई थी। विमला अपनी बेटी सपना (18) के साथ करीब डेढ़ साल पहले जींद आ गई थी और अपना खर्च चलाने के लिए तीन-चार भैंसों को पालकर दूध बेचती थी। सपना भी अपनी मां का हाथ बटाती थी। 12वीं पास करने के बाद सपना ने पढ़ाई छोड़ दी थी। विमला का बेटा विनोद गामड़ा में अपनी दादी के साथ रहता था। सपना के मुताबिक विनोद मां पर लगातार अपनी शादी के लिए दबाव डाल रहा था। कुछ दिन पहले विनोद ने अपने रिश्ते के बदले में मेरा रिश्ता करने के लिए कह रहा था। मां ने इससे इनकार कर दिया था। इसको लेकर भाई का मां के साथ अकसर झगड़ा रहता था।
यूं गहराया शक
सपना के अनुसार सोमवार दोपहर विनोद जींद स्थित निवास पर आया और कहा कि उसे दादी बुला रही है। इस पर वह उसे बाइक पर लेकर गामड़ा गया और उसे छोड़कर खुद गुरुग्राम जाने की बात कहकर निकल गया। मंगलवार अलसुबह करीब चार बजे विनोद गांव आया और कहा कि भैंस दूध नहीं दे रही, उसे चलना पड़ेगा। सपना ने बताया कि उस दौरान शर्मा नगर निवासी आशु भी उसके साथ था। जब वे तीनों सुबह पौने पांच बजे घर पहुंचे तो विनोद गेट को खोलने की बजाय दीवार फांदकर घर में घुसा। यहीं से सपना को शक होने लगा। इसके बाद विनोद ने बाहर आकर कहा कि मां ने फंदा लगा लिया है। वापस गांव चलेंगे। इस पर आशु भी दीवार फांदकर मकान के अंदर गया और चाबी लेकर बाहर आ गया। घर में गेट पर अंदर की तरफ से ताला लगा था। सपना के अनुसार जब वह अंदर गई तो उसकी मां विमला पंखे से फंदे पर लटकी हुई थी। विनोद ने उससे कहा कि जल्दी से वह आशु से साथ घर चली जाए। सपना के अनुसार उसे सही प्रकार से अपनी मां को देखने भी नहीं दिया गया। इस दौरान उसने देखा कि उसकी मां के बाएं हाथ पर खरोच का निशान है। सपना ने गांव पहुंच कर अपनी दादी रोशनी को पूरी कहानी बताई और मां को देखने की इच्छा जताई। लेकिन उसे शव देखने तक नहीं दिया गया। इसके बाद सुबह करीब साढ़े आठ-नौ बजे विमला का गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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सपना का शक तब और अधिक गहरा गया जब विनोद ने इसकी सूचना किसी रिश्तेदार तक नहीं दी। सपना की दो बड़ी बहनें शादीशुदा हैं। उनको भी नहीं बुलाया गया। इसके अलाव अंतिम संस्कार की क्रिया भी पूरी नहीं की गई। इस पर सपना को यकीन हो गया है कि विनोद व आशु ने मिलकर उसकी मां विमला की हत्या की है। साथ ही साक्ष्य मिटाने के लिए उसका अंतिम संस्कार जल्दबाजी में किया गया है।
विनोद ने सपना को कहा था मां को मार दे
सपना ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि जब वह अपने भाई के साथ सोमवार दोपहर बाइक पर गांव जा रही थी तब विनोद ने कहा था कि तुम्हारी गली में कैमरे लगे हुए हैं। साथ ही कहा कि सपना तू मां को मार दे। यह तेरे साथ झगड़ा करती रहती है। साथ ही विनोद ने यह भी पूछा कि मां के पास कितने पैसे हैं। इस पर सपना ने बतलाया कि एक-डेढ़ लाख रुपये हैं। इनमें से कुछ राशि घर पर है और कुछ बैंक में है।
गामड़ा गांव के श्मशान घाट से साक्ष्य नहीं ले पाई पुलिस
वहीं जींद पुलिस गामड़ा गांव के उस श्मशान घाट से साक्ष्य नहीं ले पाई, जहां विमला का अंतिम संस्कार किया गया है। इसके लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट की जरूरत होती है। लेकिन बुधवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट की नियुक्ति नहीं हो सकती। पुलिस अधिकारियों की मानें तो दो जिलों का मामला होने के कारण इसमें अड़चन आ रही है।
पड़ोसियों को भी नहीं हुई खबर
जहां विमला रहती थी वहां आसपास काफी मकान बने हुए हैं। लेकिन विनोद ने जिस शातिराना ढंग से वारदात को अंजाम दिया, पड़ोसियों को भी कानोंकान खबर नहीं हुई। पड़ोसियों ने बताया कि विमला के शव को बेहद जल्दबाजी में विनोद गाड़ी में डाल कर ले गया था।
पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। विमला के बेटे विनोद व उसके दोस्त आशु के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। गामड़ा गांव से साक्ष्य जुटाने थे। लेकिन ड्यूटी मजिस्ट्रेट की नियुक्ति नहीं हो सकी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा है। -डॉ. सुनील कुमार, शहर थाना प्रभारी।

पुलिस को घर के सामान की जांच करवाती विमला की बेटी सपना। अमर उजाला- फोटो : Jind

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