08जेएनडी32-डिब्बों में पैक अस्पताल में पहुंची नई बबल सी पेप मशीन। संवाद
नरवाना। सांस की गंभीर समस्या से जूझ रहे नवजात शिशुओं के लिए नरवाना के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक और सकारात्मक कदम उठाया गया है। पहले से अस्पताल में कार्यरत बबल सी पैप मशीन की सफलता के बाद अब एसएनसीयू के लिए एक और मशीन उपलब्ध कराई गई है। इससे प्री मैच्योर और सांस लेने में दिक्कत झेल रहे नवजातों को और बेहतर इलाज मिल सकेगा।
बबल सी पैप एक उन्नत रेस्पिरेटरी सपोर्ट तकनीक है जिसका उपयोग उन नवजातों पर किया जाता है जिनके फेफड़े पूरी तरह विकसित नहीं होते। यह मशीन नाक के जरिये हल्के दबाव के साथ हवा और ऑक्सीजन का मिश्रण फेफ ड़ों तक पहुंचाती है जिससे बच्चा आसानी से सांस ले पाता है और फेफड़ों का संकुचन नहीं होता।
मशीन से निकलती हवा पानी में से होकर बुलबुले बनाती है जो निरंतर सकारात्मक वायुमार्ग दबाव बनाए रखते हैं। यही प्रक्रिया इस तकनीक को बबल सी पैप बनाती है। यह तकनीक विशेष रूप से रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम, नवजात निमोनिया, टीटीएन और मेकोनियम एस्पिरेशन सिंड्रोम जैसे मामलों में कारगर मानी जाती है।
डॉक्टरों के अनुसार, इससे नवजातों को वेंटिलेटर की आवश्यकता बहुत हद तक कम हो जाती है जिससे इलाज सरल, सुरक्षित और कम खर्चीला हो जाता है। पहले से इंस्टॉल मशीन की सफ लता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने दूसरी मशीन सीएनसीयू में भेजी है। यह कदम क्षेत्र के नवजातों के लिए जीवनदायी साबित हो रहा है।
वर्जन
बबल सी पेप मशीन बच्चों को सांस लेने में मदद करती है जब नवजात खुद से सांस नहीं ले पाता तो इस मशीन के जरिए बच्चा सांस ले लेता है लेकिन पहले ऐसे केसों में बच्चों को रेफर करना पड़ता था। एसएनसीयू के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक और मशीन बबल सी पेप मशीन भेजी है जो नवजात शिशुओं के लिए काफी लाभदायक है।
डॉ. राघव, मेडिकल ऑफिसर, एसएनसीयू वार्ड नागरिक अस्पताल नरवाना।