12जेएनडी24-मालवी गांव में तपस्या पर बैठा सरपंच। स्रोत: ग्रामीण
जुलाना। गांव की सुख-शांति, समृद्धि और विकास की कामना को लेकर मालवी के सरपंच राजेंद्र जांगड़ा ने तपस्या शुरू की है। सरपंच 41 दिनों तक नौ धुनों के बीच बैठकर तपस्या करेंगे।
सरपंच राजेंद्र जांगड़ा ने बताया कि भारतीय सनातन संस्कृति में तपस्या और साधना का विशेष महत्व माना गया है। हमारे पूर्वजों की आस्था रही है कि सच्चे मन और श्रद्धा से की गई तपस्या से व्यक्ति की मनोकामनाएं पूरी होती हैं और समाज और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
गांव में भाईचारा, खुशहाली और विकास बना रहे तथा गांव के लोग हर प्रकार की परेशानियों से दूर रहें, इसी उद्देश्य को लेकर उन्होंने यह तपस्या शुरू की है।
नौ धुनों के बीच बैठकर 41 दिनों तक नियम और अनुशासन के साथ साधना की जाएगी। इस दौरान धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन भी आयोजित किए जाएंगे।
धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और लोगों में आपसी प्रेम व भाईचारे की भावना मजबूत होती है। वहीं युवाओं ने भी इस पहल को गांव की एकता और धार्मिक आस्था से जोड़ते हुए सराहनीय कदम बताया।