संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। एडिशनल सेशन जज शिफा की अदालत ने दुष्कर्म करने और धमकी देने के मामले में आरोपी पुलिसकर्मी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। यह मामला वर्ष 2022 से अदालत में चल रहा था।
22 अगस्त 2022 को जुलाना क्षेत्र की एक महिला ने एफआईआर में बताया था कि पति उनके साथ मारपीट करता है। वर्ष 2016 में महिला ने जुलाना पुलिस थाना में पति के खिलाफ शिकायत दी थी। वहां पर उन्हें पुलिस कॉलोनी निवासी विजय मिला जो थाने में तैनात था।
विजय ने आश्वासन दिया कि वह उनकी मदद करेगा। उसने उन्हें फोन करना शुरू कर दिया और 23 जुलाई 2016 को वह उनके घर पर आया उसने जबरन यौन संबंध बनाए और अश्लील वीडियो भी बना ली। विजय ने उसी के आधार पर उन्हें धमकी दी और शारीरिक संबंध बनाने के लिए लगातार ब्लैकमेल किया।
वर्ष 2019 में महिला ने अपना ससुराल छोड़ दिया और आरोपी के किराए पर लिए मकान में रहने के लिए मजबूर हो गईं। आरोपी महिला का यौन शोषण करता रहा। वह उसे और उसके बच्चों को भी धमकी देता था और उसे यौन संबंध बनाए रखने के लिए मजबूर करता था।
19 अगस्त 2022 रात को वह घर आया और वह जबरन यौन संबंध बनाने की कोशिश करने लगा। जब महिला ने विरोध किया तो उनके मुंह में देसी पिस्तौल डाल दी और वीडियो वायरल करने की धमकी दी।
महिला थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ 323, 376 (2) (एन), 376 (2) (एफ), 452, 506 आईपीसी के तहत एफआईआर दर्ज कर उसके खिलाफ सबूत जुटाकर अदालत में पेश किए। तभी से यह मामला अदालत में विचाराधीन था। एडिशनल सेशन जज शिफा की अदालत ने सुनवाई करते हुए आरोपी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है।