जींद। बारिश के मौसम में आमजन को गर्मी से तो राहत मिली है लेकिन त्वचा से जुड़ी बीमारियों (चर्म रोग) के रोगियों की संख्या को बढ़ाया है। नागरिक अस्पताल में दाद, खाज, खुजली, एथलीट फुट और फंगल, फुंसी, लाल दाने संक्रमण से पीड़ित मरीज उपचार और पूछताछ के लिए प्रतिदिन पहले से तीन गुना ज्यादा मरीज आ रहे हैं।
इन मरीजों के लिए नागरिक अस्पताल में चरम रोग विशेषज्ञ नहीं है। इसके बावजूद ओपीडी में आने वाले मरीजों का जनरल चिकित्सक ही उपचार कर रहे हैं। यह चिकित्सक उपचार के दौरान बारिश के मौसम में रखरखाव को लेकर भी जागरूक किया जा रहा है।
इन दिनों में चर्म रोग के मरीजों की संख्या सौ से अधिक अस्पताल में आ रही है। ऐसे में खारिश की समस्या बुजुर्गों से लेकर बच्चों तक को परेशान करती है लेकिन त्वचा पर खुजली का खतरा कुछ संवेदनशील त्वचा के लोगों को होता है।
इसके अलावा डायबिटीज मरीजों को, बच्चे और बुजुर्ग जिनकी त्वचा पतली हो, जिनको अधिक पसीना आता हो, पर्सनल हाइजीन अच्छी नहीं हो और बारिश में भीगने के बाद ज्यादा देर तक गीले कपड़े पहनने वालों को चर्म रोग होने की अधिक संभावना होती है।
चर्म रोग के लक्षण
त्वचा पर लाल दाग या चकत्ते, लगातार खुजली या जलन, फोड़े या फफोले, त्वचा पर बदबू या सड़न, त्वचा पर रैशेज होना, पपड़ी आना या खाल निकलना, दरार आना, लाल होना, दाने निकलना, सफेद पाउडर की तरह पदार्थ आना, नाखून का रंग उड़ना, मोटे होना या टूटना, खुजली होना, सफेद धब्बे होना, त्वचा के नीचे दर्द रहित गांठ होना, दुर्गंध आना, मांसपेशियों में दर्द रहना है।
यह रखें सावधानी
भीगने के बाद शरीर को अच्छी तरह सुखाएं, गीले कपड़ों में देर तक न रहें। रोजाना स्नान करें और एंटी फंगल पाउडर का प्रयोग करें। जूते और जुराब सूखे और साफ रखें। दूसरों की तोलिया, कपड़े, साबुन या कंघी का प्रयोग न करें, त्वचा पर संक्रमण दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। प्रतिदिन तीन से चार लीटर पानी पीएं। मौसमी फल और सब्जियों का अधिक सेवन करें। जहां तक हो सके शरीर को साफ रखें। नहाते समय शरीर को ज्यादा न रगड़ें व ज्यादा गर्म चीजों का सेवन करने से बचें।
बारिश के मौसम में चिपचिपाहट बढ़ जाती है। विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को इससे सतर्क रहना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू, मलेरिया बीमारी को लेकर जहां आमजन को जागरूक किया जा रहा है, वहीं उन्हें त्वचा की देखभाल के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इससे कम से कम लोगों को चर्म रोग की समस्या हो। नमी फंगल संक्रमण को पनपने का सबसे बड़ा कारण बनती है।
-डॉ. राजेश भोला, डिप्टी एमएस, नागरिक अस्पताल