संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। शहर में बीते 10 वर्षों के दौरान किराना कारोबार में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। एक समय ऐसा था जब पूरे शहर में करीब 500 किराना दुकानें ही होती थीं लेकिन आज दुकानों की संख्या बढ़कर लगभग 1000 के करीब पहुंच गई हैं। बढ़ती आबादी, शहरी विस्तार और उपभोक्ताओं की बदलती जरूरतों ने इस कारोबार को नई दिशा दी है। हर गली, मोहल्ले और कॉलोनी में किराना की दुकान खुल गई है।
मनीष गर्ग के अनुसार कोरोना महामारी के बाद लोगों की खरीदारी की आदतों में बड़ा बदलाव आया है। पहले जहां उपभोक्ता केवल आटा, चावल, दाल, तेल और मसालों तक ही सीमित रहते थे, वहीं अब सेहत को ध्यान में रखते हुए ड्राई फ्रूट्स, बीज, शहद, ऑर्गेनिक उत्पाद और इम्युनिटी बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों की मांग तेजी से बढ़ी है। बादाम, काजू, किशमिश, अखरोट और खजूर जैसे ड्राई फ्रूट्स अब आम किराना दुकानों पर भी आसानी से उपलब्ध हैं।
-मनीष गर्ग दुकानदार
किराना दुकानों का स्वरूप भी पहले की तुलना में काफी बदल गया है। पहले छोटी दुकानों में सीमित सामान ही रखा जाता था लेकिन अब किराना स्टोर मल्टी-प्रोडक्ट स्टोर बन गए हैं। पैकेज्ड फूड, रेडी-टू-ईट आइटम, बच्चों के स्नैक्स, कोल्ड ड्रिंक्स, डेयरी उत्पाद, घरेलू उपयोग का सामान और यहां तक कि ऑनलाइन ऑर्डर की सुविधा भी कई दुकानों पर शुरू हो चुकी है। इससे ग्राहकों को बाजार में भटकने की जरूरत नहीं पड़ती।-
सुमित जैन
ग्राहक अब कीमत के साथ-साथ ब्रांड, गुणवत्ता और स्वच्छता को भी महत्व दे रहे हैं। किराना कारोबार ने समय के साथ खुद को बदला है और आने वाले समय में इसमें और विस्तार की संभावना जताई जा रही है।
-संदीप कुमार, दुकानदार।