गांव घसो कलां में 10 दिसंबर 2018 को दिव्यांग चाचा के सिर में रॉड मारकर हत्या करने के मामले में भतीजे सुशील उर्फ शीलू को सत्र न्यायाधीश अराधना साहनी की अदालत ने दोषी करार दिया। न्यायालय ने आजीवन कारावास व 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि नहीं भरने पर दोषी को तीन माह की अतिरिक्त कैद काटनी होगी।
उचाना थाना पुलिस को 10 दिसंबर 2018 को घसो कलां निवासी रघबीर उर्फ पप्पू ने दी शिकायत में बताया था की उसका भाई सुलतान दिव्यांग था और वह चारपाई पर ही बैठा रहता था। 10 दिसंबर को उसके भतीजे सुशील उर्फ शीलू ने अपने चाचा सुलतान के साथ किसी बात को लेकर झगड़ा किया और बाद में उसके सिर में लोहे की रॉड से हमला कर घायल कर दिया। जिसके बाद वह अपने भाई सुलतान को इलाज के लिए नरवाना नागरिक अस्पताल में लेकर गया जहां पर वह उसके सिर में पट्टी करवाकर वापस घर आ रहा था तो रास्ते में उसकी मौत हो गई। इस मामले में उचाना थाना पुलिस ने आरोपी सुशील उर्फ शीलू के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत के आदेश पर जेल भेज दिया था।