17जेएनडी26-शहर में गोगा मेड़ी के पास जलाया जा रहा कूड़ा। संवाद
- फोटो : घटयात्रा में शामिल जैन समाज की महिलाएं। संवाद
जींद। जिले में वायु प्रदूषण लगातार चिंता का विषय बना हुआ है लेकिन फिर भी जिले में आगजनी की घटनाएं कम नहीं हो रही हैं। सोमवार को जिले का एक्यूआई 250 के ऊपर दर्ज किया गया जिससे साफ है कि हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में बनी है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार पिछले एक सप्ताह से जिले का एक्यूआई 280 से 330 के बीच बना हुआ है जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। कूड़ा जलाने की घटनाएं और निर्माण कार्यों से उठने वाली धूल प्रदूषण बढ़ने के प्रमुख कारण हैं।
सोमवार सुबह से ही शहर के कई इलाकों में हलकी धुंध जैसा वातावरण छाया रहा। दृश्यता कम होने के कारण सुबह-सुबह सफर करने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
हालांकि प्रशासन शहर की सड़कों पर रोजाना पानी का छिड़काव कर रहा है लेकिन फिर भी प्रदूषण स्तर कम नहीं हो पा रहा है। चिकित्सकों ने सलाह दी है कि इस प्रदूषण स्तर में सुबह की सैर और भारी परिश्रम से बचें, क्योंकि इससे सांस की दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
कूड़ा जलने की लगातार आ रही घटनाएं
शहर में कई जगहों पर सफाई कर्मी या स्थानीय लोग कचरे के ढेर में आग लगा देते हैं जिससे जहरीला धुआं वातावरण में घुल जाता है। इसके अलावा, निर्माण स्थलों पर उचित ढंग से ढकाव न होने और निर्माण सामग्री के खुले में पड़े रहने से धूल उड़कर हवा में मिल रही है। शहर के व्यस्त इलाकों में लगातार चल रहे विकास कार्यों के कारण प्रदूषण स्तर और अधिक बढ़ रहा है।
वर्जन
प्रदूषण स्तर कम करने के लिए रोजाना शहर की सड़कों पर पानी का छिड़काव करवाया जा रहा है। यदि निर्माण कार्य बंद करने की जरूरत पड़ी तो बंद करवाए जाएंगे। -मोहम्मद इमरान रजा, डीसी जींद