सफीदों थाने में 22 माह पहले षड्यंत्र रचने व हत्या के प्रयासों की एफआईआर दर्ज करवाने वाले शिकायतकर्ता व गवाह के खिलाफ धारा 182 आईपीसी की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। असंध के पूर्व विधायक एवं सीपीएस रहे बख्शीश सिंह के बेटे हरप्रीत सिंह का गोलीकांड झूठा साबित हुआ है। इसके बाद पुलिस ने शिकायतकर्ता हरमिंद्र सिंह और गवाहा विधायक के बेटे हरप्रीत सिंह के खिलाफ धारा 182 आईपीसी की कार्रवाई शुरू की है।
पुलिस के अनुसार सात अक्टूबर 2018 को सफीदों थाना में हरमिंद्र सिंह ने केस दर्ज करवाया था कि वह असंध के विधायक बख्शीश सिंह के बेटे हरप्रीत सिंह के साथ कार में सवार होकर सिनेमा हॉल में गया हुआ था। जब वह सिनेमा हॉल से लौट रहा था तो सफीदों के नहर पुल पर सफेद रंग की कार सवारों ने उन्हें घेर लिया और गाड़ी का शीशा खोलने के लिए कहा गया। जब उन्होंने शीशा खोला तो असंध निवासी मलकीत सिंह उर्फ हीरा अपने छह अन्य साथियों के साथ उनकी गाड़ी पर फायरिंग की। गाड़ी के डैश बोर्ड पर गोली जाकर लगी। वे बीच-बचाकर वहां से भाग लिए। पुलिस ने शिकायत पर विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया था। 16 अक्तूबर 2018 को पुलिस ने मलकीत सिंह उर्फ हीरो व गुरलाल उर्फ लाल को गिरफ्तार कर लिया था, जिन्हें कोर्ट में पेश करके पूछताछ के लिए पांच दिन रिमांड पर लिया गया था। बाद में शिकायकर्ता हरमिंद्र सिंह व गवाह विधायक के बेटे हरप्रीत सिंह की मांग पर यह मामला असंध पुलिस को सौंप दिया गया था। डेढ़ साल में पुलिस द्वारा उच्च स्तरीय जांच की गई।
क्राइम ब्रांच टीम ने की मामले में सच्चाई पेश
इस मामले की जांच दो नवंबर 2018 को राज्य अपराध शाखा, हरियाणा पुलिस को सौंपी गई। जिसमें डीएसपी शमशेर सिंह के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। क्राइम ब्रांच डीएसपी शमशेर सिंह ने मामले में घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद सिनेमा हॉल के बाहर से मिली सीसीटीवी फुटेज में हीरा के साथ झगड़ा होना पाया। मामले की जांच के बाद पहले षड्यंत्र की झूठी साबित होने पर हटाई गई। मामले में एफएसएल मधुबन के डॉ. एएस ग्रेवल के साथ स्पेशल सेल ने भी सबूत जुटाने की कोशिश की। 23 मार्च 2020 को सफीदों डीएसपी
चंद्रपाल की जांच में घटनास्थल नहर पुल व सिनेमा हॉल के पास गोली चलने के बारे में कोई साक्ष्य नहीं पाया गया। इसके बाद मामले में क्राइम ब्रांच टीम के साथ जांच में आईपीएस अधिकारी अजीत सिंह शेखावत शामिल हुए।
तफ्शीश के बाद मामले में सिनेमा हॉल के पास झगड़ा होना पाया गया। जिसमें आरोपी हीरा द्वारा पूर्व विधायक के बेटे हरप्रीत की सिर्फ पगड़ी गिराना बयान हुए हैं। अब पुलिस को मामले में धारा 307 भी झूठी साबित हुई तो शिकायतकर्ता हरमिंद्र सिंह व पूर्व विधायक के बेटे हरप्रीत पर कलंदरा धारा 182 आईपीसी हुई है, जिसमें पुलिस द्वारा आगामी कार्रवाई शुरू की गई है।
अजीत सिंह शेखावत, एएसपी।