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यूरिया लेने पहुंचे किसानों को डांटा, नेता पहुंचे तो बांटा

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यूरिया खाद लेने के लिए दुकान के बाहर लाइन में खड़े किसान। - फोटो : Jind
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नरवाना। यूरिया खाद लेने के लिए किसान दर दर की ठोकरें खा रहे हैं। किसानों ने कहा कि 45 हजार यूरिया के बैग आए थे, लेकिन सोमवार सुबह दुकानदारों ने कहा कि उनके पास यूरिया का एक भी बैग नहीं है। वहीं जब किसान यूनियन के नेता दुकानों पर पहुंचे तो खाद बांटना शुरू कर दिया गया। किसानों ने कहा कि सब कालाबाजारी का खेल है और संबंधित विभाग के अधिकारी भी इस खेल के खिलाड़ी बने हुए हैं।
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किसान सुनील, महाबीर, किताब सिंह, हरिकेश, बलकार, सतीश ने कहा कि गेहूं की फसल में यूरिया खाद की कितनी जरूरत है, इस बात को दुकानदार अच्छी तरह जानते हैं। इसलिए खाद की किल्लत दिखाई जाती है और चोर रास्ते से कुछ संपन्न किसानों को महंगे रेट पर खाद बेच दिया जाता है। साधारण किसान को कुछ नहीं मिलता। किसानों ने कहा कि कुछ दुकानदार ऐसे भी हैं, जब किसान को खाद देते हैं तो दवाइयां भी जबरदस्ती थोप दी जाती है। इसकी किसानों को कोई जरूरत नहीं होती और दवाई नहीं ले तो खाद देने से ही इंकार कर देेते हैं। किसानों ने कहा कि अगर इस बारे में संबंधित अधिकारियों को सूचना दी जाती है तो वह भी उचित कार्रवाई नहीं करते।
कालाबाजारी बंद करो के नारे लगाकर रोष प्रदर्शन किया
गौरतलब है कि सोमवार को इफ्को किसान सेवा केंद्र के साथ अन्य दुकानों पर भी खाद पहुंचा था। किसान यहां यूरिया खाद लेने पहुंचे तो दुकानदारों ने खाद नहीं होने की बात कही। इसके बाद किसानों ने दुकानों के बाहर कालाबाजारी बंद करो के नारे लगाकर रोष प्रदर्शन किया। इसके बाद बद्दोवाल टोल प्लाजा धरना कमेटी के सदस्य वहां पहुंचे को खाद बंटना शुरू हुआ। इसके बाद कृषि विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और एक एक कर जिन दुकानों पर खाद पहुंचा था सभी पर यूरिया खाट बंटना शुरू हुआ।
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वर्जन
खाद की कोई कमी नहीं है, लेकिन कई बार अधिक संख्या में किसान खाद लेने पहुंच जाते हैं तो समस्या पैदा होती है। ग्रामीण स्तर पर पैक्स में खाद भेजा गया है। इसके अलावा जिन किसानों ने मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाया है, उन्हें यूरिया खाद भी उपलब्ध करवाया जाएगा। किसानों को चाहिए कि वह मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाएं।
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- देवेंद्र सिंह, एसडीओ कृषि विभाग।
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