ट्रॉलियों में भरकर गेहूं लेकर पहुंचे किसान।
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शहर की नई अनाज मंडी में कई दिनों से बिगड़ी व्यवस्था को सुधारने के लिए मार्केट कमेटी नेे सोमवार को गेट पर ही पुलिस और कर्मचारियों का पहरा लगा दिया। इसके बाद मंडी में दो दिनों की अपेक्षा हालात बेहतर रहे। पिछले दो दिनों से मंडी में मार्केट कमेटी के बिना बुलाए ही किसान आकर आढ़तियों की फड़ पर गेहूं डालकर चले जा रहे थे, जिसकी वजह से सोशल डिस्टेसिंग नहीं बन पा रही थी और भीड़ बढ़ रही थी।
सोमवार को मंडी प्रशासन ने इस व्यवस्था को सुधारने के लिए सुबह ही गेट पर पुलिस और मार्केट कमेटी के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर बिना संदेश के आने वाले किसानों को वापस भेजने का काम शुरू कर दिया। सख्ती के चलते मंडी में न ज्यादा किसानों की भीड़ हुई और न ही सोशल डिस्टेसिंग का उल्लंघन। मंडी प्रशासन द्वारा जितने किसानों को बुलाया गया था, केवल उतनी ही संख्या में किसान मंडी में आए और सभी का समय पर गेहूं खरीदा गया।
सख्ती के कारण गेट पर लगी रही भीड़
मंडी में बिना बुलाए आने वाले किसानों की संख्या अधिक होने के कारण मार्केट कमेटी ने गेट पास कटवाकर ही मंडी में बुलाए किसानों को भेजने का काम किया। इसके कारण मंडी के गेट पर बिना बुलाए आने वाले किसानों की लंबी लाइन लग गई। मार्केट कमेटी के कर्मचारियों ने ऐसे सैकड़ों किसानों को लौटा दिया जो बिना संदेश के मंडी में गेहूं लेकर आए थे।
मंडी में बिना गेट पास कटवाए नहीं बिकेगा गेहूं
मंडी में केवल उन किसानों को प्रवेश करने दिया जाएगा जिसके पास गेहूं खरीदने के लिए संदेश गया होगा। अगर बिना मार्केट कमेटी के बुलाए कोई किसान गेहूं लाता है तो उसको गेट पास नहीं मिलेगा। गेट से ही वापस भेज दिया जाएगा।
संजीव कुमार, मार्केट कमेटी सचिव जींद।
बिना बुलाए आने वाले किसानों को रोकने के लिए गेट पर तैनात पुलिस।- फोटो : Jind