जींद। पदार्थखेड़ा गांव में युवक गुरतार की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर परिजनों का नागरिक अस्पताल में दूसरे दिन भी धरना जारी रहा। दूसरे दिन धरना स्थल पर समाज के लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और न्याय की मांग की। हालांकि पुलिस प्रशासन ने पदार्थखेड़ा निवासी काला के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 के तहत मामला दर्ज किया हुआ है, लेकिन परिजनों की मांग है कि आरोपी व पुलिस प्रशासन के खिलाफ धारा 302 व एससी/एसएटी के तहत मामला दर्ज किया जाए। जिसको लेकर पूरे दिन नागरिक अस्पताल में धरना चलता रहा।
एएसपी कुलदीप सिंह ने धरना स्थल पर पहुंचकर परिजनों से बात की और समझाने का प्रयास किया लेकिन कमेटी ने एएसपी की बातों को नकार दिया और न्याय की मांग की। वहीं दूसरी तरफ आरोपी काला के पक्ष मेें ग्रामीण एएसपी कुलदीप सिंह से मिलने पहुंचे और आरोपों को निराधार बताया। काला पक्ष के लोगों ने कहा कि कुछ लोग जानबुझकर मामले को जातिगत बना रहे हैं। एएसपी कुलदीप सिंह ने आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। दूसरा दिन बीत जाने पर भी मृतक गुरतार के शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया।
काला पक्ष ने आरोपों को बताया निराधार
पदार्थखेड़ा गांव के मामले पर पुलिस ने मृतक के भाई जगतार के बयान पर गांव के ही काला के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। रविवार को काला पक्ष व गांव के लोग हरियल रैस्ट हाऊस में एएसपी कुलदीप सिंह से मिलने पहुंचे और काला व पुलिस प्रशासन पर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया। काला पक्ष के लोगों ने कहा कि मामले को जातिगत रूप देना सही नहीं है। मृतक को किसी ने नहीं पीटा और वह पिछले कई दिनों से बीमार था। ग्रामीणों ने बताया कि छह साल पहले मृतक गुरतार सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था तो उस समय भी काला स्वयं उठाकर अस्पताल लेकर गया था और गांव के लोगों ने आर्थिक सहयोग दिया था।