पीपली रैली को लेकर दिनभर आढ़तियों और पुलिस के बीच विवाद चलता रहा। जिले में आढ़तियों व किसानों को पुलिस ने रोका और उनके वाहन काबू कर लिया। इसके बावजूद काफी आढ़ती व किसान पुलिस को चकमा देकर पीपली रैली में शामिल हुए। जो आढ़ती व किसान रैली में नहीं जा पाए, उन्होंने जींद में ही धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पीपली में हुई लाठीचार्ज के बाद किसान व आढ़ती अधिक मुखर नजर आए। नरवाना में 98 लोगों ने गिरफ्तारी दी। वहीं जुलाना में पांच व सफीदों में एक आढ़ती गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने वीरवार शाम को सभी को छोड़ दिया।
उचाना में द फूड ग्रेन डीलर एसोसिएशन प्रधान बलराज श्योकंद की अगुवाई में पीपली जाने के लिए पुरानी मंडी में आढ़ती एकत्रित हुए। थाना प्रभारी कृष्ण कुमार व चौकी इंचार्ज कृष्ण कुमार खर्ब मौके पर पहुंचे। ड्यूटी मजिस्ट्रेट बीडीपीओ सोमवीर कादियान ने मार्केट कमेटी कार्यालय परिसर को अस्थायी जेल बना दिया। इन आढ़तियों को पुलिस ने गिरफ्तार करते हुए अस्थायी जेल रोका गया। इस मौके पर अनूप श्योकंद, रामनिवास करसिंधु, सतपाल करसिंधु, रमेश श्योकंद, सुरेश गर्ग, चांदी शास्त्री व सुनील डूमरखां मौजूद रहे।
सरकार अहंकार में आकर दबा रही है आवाज : घोघड़ियां
उचाना के मार्केट कमेटी पूर्व चेयरमैन एवं कांग्रेस नेता वीरेंद्र घोघड़ियां ने कहा कि अपने हक लेकर पीपली जाने वाले किसानों व आढ़तियों को जाने से रोकना सरकार के अहंकार को दर्शा रहा है। सरकार ने अहंकार में अपने हक की आवाज को लेकर पीपली में जा रहे किसान व आढ़तियों को रास्तों में पुलिस के सहारे रुकवाया।
पांच किसान और आढ़ती नेताओं पर पुलिस ने किया शांति भंग करने का मामला दर्ज
जुलाना में वीरवार को पीपली में हुई किसान बचाओ- आढ़ती बचाओ रैली में किसान व आढ़ती नहीं जाने पाए। पुलिस ने शाम को ही आढ़ती एसोसिएशन के जिला प्रधान राजपाल, पूर्व प्रधान मनोज, पूर्व चेयरमैन मार्केट कमेटी राजेंद्र सिंगला, बसाऊ व धर्मबीर को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने पांचों के खिलाफ शांति भंग करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। वीरवार सुबह जब रैली में जाने के लिए वाहन नई अनाज मंडी में पहुंचे तो पुलिस मौके पर पहुंच गई और वाहनों को थाने में ले आई। वीरवार दोपहर बाद पुलिस ने किसान व आढ़ती नेताओं को छोड़ दिया।
किसान और आढ़ती नेताओं को गिरफ्तार करने पर मजदूरों ने सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
जुलाना में किसान बचाओ- मंडी बचाओ रैली से एक दिन पहले किसान व आढ़ती नेताओं को गिरफ्तार करके व पीपली में लाठीचार्ज करके करके सरकार ने दिखा दिया है कि वह किसान, मजदूर व व्यापारियों की आवाज को लाठी के दम पर दबाना चाहती है। लोकतंत्र में सभी को अपनी बात कहने का अधिकार है। सरकार को तीनों अध्यादेशों को रद्द करना चाहिए। यह बात जुलाना में मजदूरों की बैठक को संबोधित करते मजदूर नेता सुभाष पांचाल ने की। मजदूरों ने सरकारी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर भवन निर्माण यूनियन से सुल्तान जांगड़ा, जगबीर नागर, सुभाष, सुरेंद्र राजकुमार, राकेश, रणधीर, संतरा, रीना, सुशीला, कमलेश व मंजू भी मौजूद रही।
एसएफआई ने की किसानों और आढ़तियों की गिरफ्तारी की निंदा
जींद में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) जिला अध्यक्ष पूनम जांगड़ा और जिला सह सचिव मनीष ने कहा कि सरकार द्वारा किसानों के मुद्दों को लेकर पीपली में रैली को रोकने के लिए दमनकारी कदम उठाना गलत है। सरकार द्वारा कोरोना की आड़ में लागू की जा रही कृषि व खेती को उजाड़ने वाली नीतियों से किसानों में भारी रोष है। सरकार किसानों की इन समस्याओं का समाधान नहीं कर रही है। सरकार किसानों की उपज की लाभकारी मूल्य पर खरीद सुनिश्चित करने की बजाय बड़े-बड़े व्यापारियों को किसानों की फसल खरीदने की खुली छूट दे रही है, जिसका सभी किसान संगठन विरोध कर रहे हैं, पर सरकार मंडी व्यवस्था को उजाड़ने पर लगी हुई है।
प्रशासन को चकमा देकर सफीदों मंडी के आढ़ती पीपली रैली में पहुंचे
सफीदों में पीपली में हुई किसान बचाओ- मंडी बचाओ रैली में सफीदों के आढ़ती व किसान पुलिस को चकमा देकर पहुंच गए। पीपली से किसानों व आढ़तियों ने अपनी फोटो भी वायरल किए। वहीं अल सुबह पुलिस ने किसान नेता लीलूराम सिवानामाल को हिरासत में ले लिया था।
वीरवार सुबह ही ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार रामपाल शर्मा व शहर थाना प्रभारी देवीलाल दलबल के साथ सफीदों की नई अनाज मंडी में पहुंच गए। वहीं दूसरी ओर मंडी के आढ़ती व मुनीम रैली में जाने के लिए कच्चा आढ़ती संघ के प्रधान अनुज मंगला के प्रतिष्ठान पर जमा हो गए। जब यह लोग रैली में जाने के लिए चले तो पुलिस ने उन्हें मंडी के मुख्य द्वार पर रोक दिया। यहां पर पुलिस ने इनके वाहनों को काबू कर लिया। यहां से सभी आढ़ती व किसान एक-एक करके निकल गए और अपने निजी वाहनों में पीपली पहुंच गए।
किसानों और आढ़ती नेताओं की गिरफ्तारी व लाठीचार्ज के विरोध में नारेबाजी करते मजदूर।- फोटो : Jind
पुरानी मंडी में एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते आढ़ती।- फोटो : Jind