03जेएनडी31: जींद बस अड्डे पर खड़ी बस जिसकी डिस्प्ले स्क्रीन बंद है। संवाद
जींद। रोडवेज डिपो में दो साल पहले आई नई बसों में यात्रियों की सुविधा के लिए लगाई गई रूट डिस्प्ले स्क्रीन आज तक शुरू नहीं हो पाई हैं। इन स्क्रीन पर बस के निर्धारित रूट और आने वाले स्टॉप के नाम दिखाए जाने थे लेकिन तकनीकी और प्रशासनिक लापरवाही के चलते यह सुविधा कागजों तक ही सिमटकर रह गई है।
वर्ष 2023 में जींद डिपो को 80 से अधिक नई रोडवेज बसें मिली थीं। इन बसों में आधुनिक सुविधाओं के तहत तीन-तीन डिस्प्ले स्क्रीन लगाई गई थीं। एक स्क्रीन बस के मुख्य शीशे के ऊपर, दूसरी बस के अंदर चालक की सीट के पीछे और तीसरी स्क्रीन बस के पिछले शीशे के ऊपर लगाई गई थी।
इनका उद्देश्य यात्रियों को बस के रूट, स्टॉप और गंतव्य की स्पष्ट जानकारी देना था। बसों में यह डिस्प्ले सिस्टम गुजरात की एक कंपनी द्वारा माइक सिस्टम के साथ लगाया गया था। नई बसों के डिपो में पहुंचने के समय कंपनी ने डेमो के तौर पर रूट फीड किया था। इसके बाद स्थानीय स्तर पर नए रूट फीड नहीं करवाए गए।
इसके कारण स्क्रीन पर डेमो का रूट ही चलता रहा। यात्रियों ने जब इस गलत जानकारी की शिकायत अधिकारियों से की, तो समस्या का समाधान करने के बजाय डिस्प्ले स्क्रीन का कनेक्शन ही काट दिया गया।
80 बसों में लगी यह डिस्प्ले स्क्रीन पिछले दो वर्षों से बंद पड़ी हैं। इससे यात्रियों को आधुनिक सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है और खासकर बाहरी यात्रियों को बस के रूट की जानकारी में परेशानी झेलनी पड़ रही है। अब देखना यह है कि रोडवेज प्रशासन अपने दावे पर कब तक अमल करता है और यात्रियों को यह लंबे समय से बंद पड़ी सुविधा कब तक मिल पाती है
बसों में यदि डिस्प्ले स्क्रीन बंद हैं तो वर्कशॉप मैनेजर से इसकी जानकारी ली जाएगी। जल्द ही सभी बसों में रूट डिस्प्ले स्क्रीन ठीक करवा दी जाएगी और यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
- राहुल जैन, महाप्रबंधक रोडवेज जींद।