30जेएनडी08-शिकायत दिखाते हुए पीडि़त रामनिवास। संवाद
जींद। विकास नगर में रहने वाले बुजुर्ग छह साल से आशियाना पाने की गुहार लगा रहे है। बुजुर्ग को दो बेटों और बहुओं ने छह साल पहले घर से निकाल दिया। वर्ष 2020 में अदालत ने भी उनके हक में फैसला सुनाया। अदालत ने पुलिस को उनके मकान पर कब्जा दिलाने के आदेश दिए, लेकिन आज तक उन्हें उसका मकान नहीं मिल पाया। अब मकान दिलवाने के लिए उन्होंने पुलिस महानिदेशक और गृहमंत्री हरियाणा को शिकायत भेजी है।
शर्मा नगर निवासी रामनिवास ने बताया कि उसका मकान विकास नगर में है। वर्ष 2009 में पत्नी का निधन हो गया। उसके तीन बेटे और एक बेटी है। एक बेटे की वर्ष 2018 में मौत हो चुकी है। उसके दो बेटों ने वर्ष 2019 में उसे घर से निकाल दिया। तभी से वह शर्मा नगर में किराये के मकान पर रहे हैं।
न्याय के लिए उन्होंने अदालत में याचिका दायर की। इसके बाद अदालत ने मामले में सुनवाई करते हुए दस जनवरी 2020 को उसके हक में फैसला दे दिया, लेकिन उस आदेश की पालना नहीं की गई।
इसके बाद उपमंडल अधिकारी नागरिक जींद की अदालत ने तीन अप्रैल को फैसला सुनाते हुए शहर थाना प्रभारी जींद को आदेश दिए कि आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए, लेकिन शहर थाना प्रभारी ने उपमंडल अधिकारी नागरिक के आदेशों की पालना नहीं की।
इसके बाद उपमंडल अधिकारी नागरिक की अदालत ने 15 मई को एसपी जींद को पत्र भेजा, जिसमें शहर थाना प्रभारी द्वारा अदालत की अवहेलना करने बारे लिखा गया, लेकिन एसपी जींद ने इस बारे कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
तुरंत प्रभाव से ऑर्डर जारी करवाने की मांग
शिकायतकर्ता ने गृहमंत्री और पुलिस महानिदेशक को शिकायत भेजकर तुरंत प्रभाव से ऑर्डर करने की मांग की है। उन्होंने शिकायत में लिखा है कि ऐसा मामला केवल उनका नहीं बल्कि जनहित का मानकर आदेश पारित किया जाए। इससे पुलिस अधिकारी अदालत के ऑर्डरों को हल्के में न लेकर इनकी पालना समयबद्ध तरीके से करे। इस विषय में शहर थाना प्रभारी को फटकार लगाते हुए हरियाणा सर्विस रूल अनुसार अवहेलना करने के आरोप में कड़ी कार्रवाई की जाए। दो जून को होने वाली सुनवाई में उनके बेटों को अदालत में पेश करने के बारे में ऑर्डर जारी किया जाए।