जींद। नए साल पर जींद से सोनीपत के बीच देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन दौड़ेगी। जींद जंक्शन पर बन रहे हाइड्रोजन प्लांट का कार्य लगभग 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है। लगभग दो माह में 20 प्रतिशत कार्य भी पूरा हो जाएगा और उसके बाद जींद-सोनीपत के बीच ट्रायल लिया जाएगा। ट्रायल सफल होने के बाद हाइड्रोजन गैस से ट्रेन का संचालन किया जाएगा। यह ट्रेन वंदेभारत की तरह दिखाई देगी। इन ट्रेन में सफर प्रदूषण रहित होगा।
गौरतलब है कि रेलवे जंक्शन पर 118 करोड़ रुपये की लागत से दो हजार मीटर एरिया में हाइड्रोजन गैस प्लांट का निर्माण चल रहा है। हाइड्रोजन गैस से चलने वाले ईंजन धुएं की बजाय भाप और पानी छोड़ेंगे, इसलिए इसमें धुआं नहीं निकलेगा। इसकी रफ्तार और यात्रियों को ले जाने की क्षमता भी डीजल ट्रेन के बराबर होगी। यह ट्रेनें एक किलो हाइड्रोजन करीब साढ़े चार लीटर डीजल के बराबर माइलेज देंगी। वहीं, इन ट्रेनों का रखरखाव भी सस्ता होगा। इलेक्ट्रिक की तुलना में हाइड्रोजन ट्रेनें 10 गुना अधिक दूरी तय कर सकती हैं। ट्रेन 360 किलोग्राम हाइड्रोजन में 180 किमी. का सफर तय करेगी। ट्रेन में दो पावर प्लांट होंगे। हाइड्रोजन से ट्रेन चलाने वाला भारत दुनिया का पांचवां देश होगा। इससे पहले फ्रांस, जर्मनी, स्वीडन और चीन में हाइड्रोजन से ट्रेन चल रही है। ईंधन सेल की लागत और रखरखाव भी कम खर्च वाला है। ट्रेनों में आवाज नहीं होगी, इसलिए इनमें यात्री आरामदायक सफर कर सकेंगे।
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भंडारण होगी तीन हजार किलो हाइड्रोजन
जंक्शन के पास बने रहे हाइड्रोजन प्लांट में जमीन के नीचे भंडारण तैयार किया जा रहा है। इसमें लगभग तीन हजार किलोग्राम गैस का भंडारण होगा। ट्रेन को हर घंटे 40 हजार लीटर पानी की जरूरत होगी। वहीं, स्टेशन की छतों का पानी भी प्लांट तक पहुंचाया जाएगा। हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन आठ-दस डिब्बों की होगी। यह हाईब्रिड ट्रेनें होंगी, जिनमें अक्षय ऊर्जा भंडारण जैसे बैटरी या सुपर कैपेसिटर लगे होंगे। ईंजन में डीजल की जगह फ्यूल सेल, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन डाली जाएगी। ऑक्सीजन की मदद से हाइड्रोजन नियंत्रित ढंग से जलेगी और इस ताप से बिजली पैदा होगी। बिजली लिथियम आयन बैटरी को चार्ज करेगी, जिससे ट्रेन चलेगी। इस दौरान धुएं की जगह सिर्फ भाप और पानी निकलेगा।
वर्जन
हाइड्रोजन प्लांट का निर्माण कार्य 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है। जनवरी में ट्रायल होने की उम्मीद है। इसके बाद जींद-सोनीपत के बीच हाइड्रोजन ट्रेन चलाई जाएगी।
-शैलेंद्र मिश्रा, आईओडब्ल्यू, रेलवे जींद