जींद। नागरिक अस्पताल में मंगलवार को कायाकल्प टीम ने करीब साढ़े पांच घंटे तक अस्पताल की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान इमरजेंसी वार्ड में सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। आई वार्ड में गंदे शीशे, खराब एसी और खुली बिजली की वायर मिली।
वहीं, गायनी वार्ड में सिक्योरिटी गार्ड और व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं मिली। टीम ने अस्पताल के अलग-अलग विभागों और व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच कर सभी कमियां जल्द दूर करने के निर्देश दिए।
कायाकल्प योजना के तहत डीसीएच सिरसा के नोडल अधिकारी डॉ. पंकज, डॉ. मोनिका, सीनियर नर्सिंग ऑफिसर राजविंद्र कौर और नर्सिंग ऑफिसर अमित की टीम नागरिक अस्पताल पहुंची।
निरीक्षण की शुरुआत इमरजेंसी वार्ड से हुई। टीम ने सफाई व्यवस्था, दवा स्टोर, मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की। इस दौरान खामियां मिलने पर टीम ने नाराजगी जताई और उन्हें जल्द दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
इमरजेंसी में सफाई व्यवस्था ठीक नहीं मिली। एक पर्दा कपड़े की क्लिप से बोर्ड पर टंगा हुआ था। टीम ने इसे व्यवस्थित तरीके से लगाने को कहा। दवा स्टोर में रखे डिब्बों पर दवाओं के नाम की पर्चियां लगाने के निर्देश दिए गए।
इमरजेंसी के पीछे बने पेशेंट वार्ड में भी सफाई और केबिन की व्यवस्था सुधारने को कहा गया। वार्ड के बाहर वाटर कूलर के आसपास गंदगी मिली। एसी के बाहर रखे पंखों में पानी की पाइप की व्यवस्था भी नहीं थी। टीम ने इन व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने को कहा।
सफाई और मरीजों से व्यवहार सुधारने के दिए निर्देश
निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था को लेकर एचकेआरएनएल के कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को लेकर भी बातचीत की गई। इसके बाद ऑपरेशन थिएटर का भी निरीक्षण किया गया। टीम ने स्टाफ को मरीजों और उनके तीमारदारों के साथ बेहतर व्यवहार करने की सलाह दी। बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण को लेकर भी अधिकारियों से जानकारी ली गई। इमरजेंसी के बाद टीम ने लैब का निरीक्षण किया। यहां भी स्वच्छता व्यवस्था को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए। मरीजों और जांच से संबंधित पर्चियों की व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए कहा गया। टीम ने नर्सिंग स्टाफ से बातचीत कर अस्पताल में प्रतिदिन होने वाली डिलीवरी का रिकॉर्ड देखा। प्रसव से पहले और बाद में बरती जाने वाली सावधानियों तथा मां और नवजात की देखभाल से संबंधित सवाल किए गए।
रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल को अंक मिलेंगे
कायाकल्प योजना के तहत स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण, बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन और मरीजों की सुविधाओं समेत कई मानकों की जांच होती है। टीम की रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल को अंक मिलेंगे। 70 से अधिक अंक मिलने पर अस्पताल को कैश अवार्ड मिलने की सरकार की योजना होती है।
वर्जन
अस्पताल में कायाकल्प टीम ने निरीक्षण किया। अस्पताल में जो कमियां मिली उनको सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकतर व्यवस्थाएं बेहतर मिली हैं। अस्पताल बेहतर प्रदर्शन कर पुरस्कार हासिल करने का प्रयास करेगा।
- डॉ. राजेश भोला, डिप्टी एमएस नागरिक अस्पताल जींद।
01जेएनडी07: नागरिक अस्पताल में व्यवस्थाओं की जांच करते हुए कायाकल्प की टीम। संवाद