जींद। नागरिक अस्पताल आवारा कुत्तों की शरणस्थलीय बन गया है। अस्पताल में रात और दिन आवारा कुत्ते घूमते रहते हैं। आवारा कुत्तों ने अस्पताल के सीटी स्कैन कक्ष, इमरजेंसी वार्ड को घर बना लिया है। ऐसे में मरीजों और तीमारदारों को काटने का डर सताने लगा है।
नागरिक अस्पताल जींद में इन दिनों आवारा कुत्तों का घूमना मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। इससे न केवल मरीजों में डर का माहौल है बल्कि अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। अस्पताल प्रशासन इस गंभीर समस्या को लेकर पूरी तरह उदासीन नजर आ रहा है।
रात में तैनात सुरक्षाकर्मी भी आवारा कुत्तों को भगाने या बाहर निकालने में कोई रुचि नहीं दिखा रहे। सुरक्षा कर्मियों की निष्क्रियता के चलते कुत्ते बेखौफ होकर अस्पताल परिसर में घूमते रहते हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि मरीजों की सुरक्षा को लेकर अस्पताल प्रशासन गंभीर नहीं है। रात के समय मरीजों और तीमारदारों को बाहर निकलने में भी डर लगता है।
तीमारदार राजेश, पुष्पा, रूबीना, सोनिया, फूलपति का कहना है कि नागरिक अस्पताल में कुत्तों का झुंड घूमता रहता है। ऐसे में अस्पताल में आने वाले लोगों को परेशानी होती है। उन्हें काटने का डर लगा रहता है, क्योंकि मरीजों तथा तीमारदारों के साथ छोटे-छोटे बच्चे आते हैं। ऐसे में आवारा कुत्ते उन्हें कभी भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।
वर्जन
आवारा कुत्तों के इमरजेंसी, सीटी स्कैन कक्ष और अन्य जगह घुसने से रोकने के लिए जाल लगाए जाएंगे। इसके अलावा तैनात सिक्योरिटी गार्डाें को भी निर्देश दिए हैं कि यदि अस्पताल परिसर में कहीं भी आवारा कुत्ता दिखाई दे तो उसे तुरंत भगाएं।-डॉ. सुमन कोहली, सिविल सर्जन, नागरिक अस्पताल जींद
09जेएनडी23-नागरिक अस्पताल में सिटी स्कैन एरिया में घूम रहा आवारा कुत्ता। संवाद