जींद। शहरवासियों के लिए अच्छी खबर है। अब लोगों को सड़क, नाली और अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। नगर परिषद करीब दो करोड़ तीन लाख रुपये से विकास कार्य करवाने जा रही है। इसके तहत सात अलग-अलग विकास कार्यों के लिए टेंडर भी जारी कर दिए गए हैं।
नगर परिषद की योजना के अनुसार, वार्ड-23 की राम कॉलोनी में 58.67 लाख रुपये की लागत से राजेश के मकान से पूनम के मकान तक गली का निर्माण कराया जाएगा। इससे क्षेत्र के लोगों को कच्चे रास्तों और जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी।
वहीं, चाबरी कॉलोनी में 47.25 लाख रुपये की लागत से संजय के मकान से शांति के मकान तक गली बनाई जाएगी। इससे कॉलोनीवासियों का आवागमन आसान होगा और वाहनों की आवाजाही सुचारु होगी
शहर के प्रमुख मार्ग गोहाना रोड पर 42.37 लाख रुपये की लागत से डिवाइडर का सुंदरीकरण किया जाएगा। इससे न केवल सड़क की सुंदरता बढ़ेगी, बल्कि यातायात व्यवस्था भी बेहतर होगी। वाहन चालकों को यहां से वाहन गुजारते समय व अन्य राहगीरों को निकलते समय शहर में सुंदरता दिखाई देगी।
इसके साथ ही स्कीम नंबर पांच के पार्क में पांच लाख रुपये की लागत से ओपन जिम और स्विमिंग पूल का निर्माण प्रस्तावित है। इससे पार्क में युवाओं, महिलाओं और बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं मिलेंगी।
इस पार्क में सैंकड़ों की संख्या में प्रतिदिन सुबह व शाम को महिलाए, युवा और बच्चे टहलते हैं। अब इनको पार्क में जिम की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी।
वार्ड 29 में 19.87 लाख रुपये की लागत से सतबीर के मकान से विक्रम ढुल के मकान तक गली का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा महात्मा ज्योतिबा फूले पार्क में 8.87 लाख रुपये की लागत से सजावटी लाइट और पोल लगाए जाएंगे। इससे पार्क में शाम के समय आने वाले लोगों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण मिल सकेगा।
खुले में शौच की समस्या पर लगेगा नियंत्रण
नगर परिषद शहर में 21.18 लाख रुपये से सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण भी कराएगी। बाजार में आने वाले लोगों, महिलाओं, बुजुर्गों और व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी। स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होने के साथ ही खुले में शौच की समस्या पर भी नियंत्रण लगेगा।
वर्जन
नगर परिषद ने शहर के विकास के लिए सात अलग अलग टेंडर लगाए हैं। इन पर 2.3 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसका सीधा लाभ शहर के हर वर्ग बच्चों, युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों और व्यापारियों को मिलेगा। जहां एक ओर बुनियादी ढांचा मजबूत होगा, वहीं दूसरी ओर स्वच्छ, सुंदर और सुविधाजनक शहर की दिशा में यह एक बड़ा कदम साबित होगा।
-डॉ. अनुराधा सैनी, चेयरपर्सन नगर परिषद जींद।