26जेएनडी36 : लक्ष्मण भाई राम को वनों में अपने साथ ले जाने का आग्रह करते हुए।
नरवाना। पुरानी अनाज मंडी में श्री रामा भारतीय कला केंद्र की ओर से करवाए जा रहे रामलीला मंचन में वीरवार रात दर्शकों ने भावुक कर देने वाले दृश्य देखे। मंच पर कौशल्या महल, उर्मिला महल, कोप भवन, वन गमन और केवट राम संवाद प्रसंगों का जीवंत मंचन हुआ। हजारों दर्शकों ने रामलीला के प्रसंगों का आनंद लिया। कई दर्शकों की आंखें भर आईं।
मंचन का पहला दृश्य कौशल्या महल का रहा जिसमें भगवान राम ने अपनी माता से वन जाने की आज्ञा मांगी। सीता ने भी वनवास में साथ जाने का आग्रह किया और लक्ष्मण ने भी क्रोधित होकर राम संग चलने की जिद की। इसके बाद कैकेयी महल में राम, लक्ष्मण और सीता ने वनवासी वस्त्र धारण किए और महामंत्री सुमंत के साथ वन की ओर प्रस्थान किया। सुमंत जब वापस अयोध्या लौटे और महाराजा दशरथ को संपूर्ण वृतांत सुनाया तो पुत्र वियोग में दशरथ के प्राण त्यागने का दृश्य पूरे पंडाल में गमगीन माहौल पैदा कर गया।
रामलीला मंचन में राम की भूमिका अमन वर्मा, लक्ष्मण की भूमिका रामप्रकाश, दशरथ का अभिनय कुलदीप वर्मा और कौशल्या का अभिनय सचिन शर्मा ने किया। दरवेश पूनिया और रोशन लाल मित्तल ने मुख्य अतिथि रहे। मंच संचालन शैलेंद्र मोहन ने किया।
शनिवार को मंचन का अगला प्रसंग शूर्पणखा का होगा। इसमें दिखाया जाएगा कि किस प्रकार पंचवटी में पहुंचकर शूर्पणखा भगवान राम और लक्ष्मण के समक्ष विवाह का प्रस्ताव रखती हैं। लक्ष्मण क्रोधित होकर उसकी नाक काट देते हैं। इसके बाद शूर्पणखा रोती-बिलखती अपने भाइयों खर-दूषण और फिर रावण के पास पहुंच पूरी घटना बताती हैं।