नरवाना। पुरानी अनाज मंडी में श्रीरामा भारतीय कला केंद्र की ओर से आयोजित रामलीला मंचन का छठा दिन दर्शकों के लिए यादगार बन गया। मंच पर भरत मिलाप का दृश्य प्रस्तुत किया गया जिसने दर्शकों की आंखें नम कर दीं।
मंचन में दिखाया गया कि भरत अपने भाई राम की खोज में अयोध्या से वन की ओर जाते हैं। कई कठिनाइयों से गुजरते हुए जब वे चित्रकूट पहुंचते हैं तो उनका प्रभु राम से भावुक मिलन होता है।
इस प्रसंग के दौरान पंडाल जयकारों और भावनाओं से गूंज उठा। रामलीला की शुरुआत कैकेयी महल और कौशल्या महल के प्रसंगों से हुई। इसके बाद निषादराज और अंत में चित्रकूट का दृश्य दिखाया गया। सबसे हृदयस्पर्शी क्षण वह रहा जब भरत भगवान राम के खड़ाऊं लेकर अयोध्या लौटते हैं और उन्हें सिंहासन पर स्थापित करते हैं।
आगे के मंचन में राम, सीता और लक्ष्मण की अगस्त ऋषि से मुलाकात व पंचवटी में विश्राम के लिए रुकने का प्रसंग दिखाया गया। शुक्रवार के मंचन में मुख्य अतिथि गौरव गर्ग बड़नपुर और अश्वनी गर्ग बड़नपुर ने शिरकत की। दोनों अतिथियों ने रिबन काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इस दौरान क्लब प्रधान और कलाकारों ने उन्हें मोमेंटो देकर सम्मानित किया। रामलीला में अमन वर्मा ने भगवान राम, रामप्रकाश ने लक्ष्मण, प्रिंस धीमान ने सीता और विशाल शर्मा ने भरत की भूमिका निभाकर दर्शकों का मन मोह लिया।
मंचन की सफलता में बैक स्टेज टीम का भी अहम योगदान रहा। इसमें असीम राणा, शंकर वधवा, संजय रोहिल्ला, मंजीत गौरा, श्याम लाल धीमान, जय भगवान, जयपाल पेंटर, सुरेंद्र पेंटर, शिवकरण, बलदेव, अरविंद व सुदेश ने अपनी सेवाएं दीं।