जींद। जिले भर की अनाज मंडियों के आढ़तियों ने शुक्रवार को लघु सचिवालय में प्रदर्शन कर अपनी मांगों को लेकर डीसी डॉ. मनोज कुमार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। आढ़तियों ने मांग की कि सभी फसलें आढ़तियों के माध्यम से खरीदी जाएं और पूरी आढ़त दी जाए। किसानों की इच्छा के अनुसार खरीदी गई फसलों का भुगतान आढ़तियों के माध्यम से किया जाए।
आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान राजपाल लाठर के नेतृत्व में आढ़तियों ने कहा कि सरसों व कपास की फसलें सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर आढ़तियों के माध्यम से खरीदे। आढ़तियों को उनकी पूरी 2.5 प्रतिशत आढ़त दी जाए। सरकार द्वारा खरीदी गई फसलों की रकम का भुगतान किसानों की इच्छा से आढ़तियों के माध्यम से किया जाए। धान पर मार्केट फीस व एचआरडीएफ की राशि चार फीसदी से घटाकर दूसरे राज्यों की भांति दो फीसदी की जाए। रबी सीजन में गेहूं ढुलाई का ठेका संबंधित आढ़ती एसोसिएशन को प्राथमिकता के आधार पर बिना किसी शर्त के दिया जाए, सीमांत किसानों की फसल खरीद प्रदेश सरकार द्वारा सुनिश्चित की जाए, हरियाणा राज्य मार्केटिंग बोर्ड के पुराने नियमों का पंजाब की तर्ज पर बदलाव कर एक्ट संशोधन किया जाए, आढ़त फर्म का एक ही लाइसेंस प्रदेशभर की सभी अनाज मंडियों में मान्य कर जीएसटी की भांति लाइसेंस असीमित अवधि के लिए बनाया जाए, मार्केट कमेटी द्वारा उनकी लाइसेंस फीस एकमुश्त दो हजार रुपये से तीन हजार रुपये तक भरवाई जाए, अनाज मंडी में दुकान निर्माण में देरी होने पर पंजाब पैटर्न पर उनसे कम जुर्माना राशि भरवाई जाए, एक दुकान अथवा बूथ में तीन से चार लाइसेंस बनवाने की छूट दी जाए तथा मंडियों की दुकानों में आढ़त के अतिरिक्त उन्हें अन्य व्यापार करने की इजाजत दी जाए। इस मौके पर संदीप मलिक, रमेश सांगवान, सुशील सिहाग, रमेश सिंगला, जगबीर ढिगाना, राजेश गोस्वामी, बलवान रेढू, जसवंत सिंह, बलबीर सिंह व दलबीर सिंह, जस्सा, कुलदीप, रणजीत सिंह भी मौजूद रहे।