जींद। हरियाणा दिवस पर शनिवार को प्रदेश में रजिस्ट्री प्रक्रिया पेपर रहित यानी डिजिटल होने जा रही है। आधुनिक तकनीक के साथ राजस्व विभाग शनिवार से जिले में पेपर रहित रजिस्ट्री सिस्टम लागू कर देेंगे। इसका ट्रायल तहसील पिल्लूखेड़ा में किया गया जहां 10 रजिस्टरियां पूरी तरह डिजिटल माध्यम से हुई। इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा।
पिल्लूखेड़ा तहसील में किए गए इस ट्रायल के दौरान तहसीलदार, पटवारी और आईटी विभाग की टीम मौजूद रही। नई प्रक्रिया में रजिस्ट्री के सभी दस्तावेज ऑनलाइन तैयार किए गए और डिजिटल हस्ताक्षर के माध्यम से सत्यापित किए गए। इस दौरान किसी भी प्रकार के कागजी दस्तावेज का इस्तेमाल नहीं किया गया।
रजिस्ट्री की प्रति संबंधित व्यक्ति को ईमेल और पोर्टल के माध्यम से तत्काल उपलब्ध करा दी गई। अब लोगों को रजिस्ट्री के लिए अलग से दस्तावेजों की फाइलें तैयार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सभी रिकॉर्ड कंप्यूटर में सुरक्षित रहेंगे जिससे गुम होने या छेड़छाड़ की संभावना खत्म हो जाएगी।
इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और प्रक्रिया में तेजी आएगी। पहले जहां एक रजिस्ट्री को पूरा करने में तीन से चार घंटे लगते थे अब यह कार्य कुछ ही मिनटों में संभव हो सकेगा। पेपर रहित रजिस्ट्री व्यवस्था न केवल पारदर्शिता को बढ़ावा देगी बल्कि पर्यावरण की दृष्टि से भी फायदेमंद होगी।
लोगों को वशिका पंजीकरण करवाने के लिए किसी दलाल या दुकान पर जाने की जरूरत नहीं है। वह पोर्टल पर ऑनलाइन जमीन से संबंधित दस्तावेज अपलोड करेंगे। इससे भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी वहीं तहसील में लगने वाली भीड़ से भी छुटकारा मिलेगा।
अब व्यक्ति घर बैठकर अपने पेपर अपलोड कर सकेंगे। इसके लिए जमीन से संबंधित बेचने और खरीदने वाले की पूरी जानकारी देनी होगी। इसके बाद वेरिफिकेशन होगी। फिर तहसील में पहुंच फोटो खिंचवाकर तुरंत रजिस्ट्री हो सकेगी।
इसके लिए पोर्टल पर आवेदन करना होगा। इसके बाद किए गए अपलोड कागजात संबंधित तहसीलदार को पोर्टल पर दिखाई देंगे। फिर एक सप्ताह के अंदर रजिस्ट्री क्लर्क सभी दस्तावेज चेक करेंगे। यदि कोई कमी होगी तो रजिस्ट्री करवाने वालों को तुरंत बताएंगे।
आखिरी दिन स्टांप पेपर से हुई रजिस्ट्री
पूरे प्रदेश में डिजिटल रजिस्ट्री व्यवस्था लागू होने से स्टेंप पेपर से होने वाली रजिस्ट्री इतिहास बन गया है। इस ऐतिहासिक दिन जींद जिले में 117 रजिस्ट्री हुईं। इनमें अलेवा में 16, जींद में 27, नरवाना में 38, सफीदों में 24 और उचाना में 12 रजिस्ट्री हुई है।
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डिजिटल रजिस्ट्री व्यवस्था से अब बिचौलियों और दलालों की भूमिका खत्म होगी। पहले कई बार दस्तावेजों में गलती या देरी के नाम पर अतिरिक्त पैसे मांग लिए जाते थे। अब सब कुछ ऑनलाइन होने से ऐसे मामलों पर अंकुश लगेगा।-रामपाल, ग्रामीण
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रजिस्ट्री करवाने के लिए स्टांप लेते समय राशि की जरूरत होती थी लेकिन अब राशि रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अब तो सीधे राजस्व विभाग के खाते में ऑनलाइन राशि भेजी जाएगी जिससे राशि साथ रखने का झंझट ही खत्म हो जाएगा। -प्रदीप, ग्रामीण
वर्जन
यह प्रणाली पायलट प्रोजेक्ट के रूप में पिल्लूखेड़ा में शुरू की गई है। इसके तहत दस रजिस्ट्री पेपर रहित बनाई गई। इस दौरान दस रजिस्ट्री इसके सफल ट्रायल के बाद अब इसे शनिवार से जिले की सभी तहसीलों में लागू किया जाएगा।-मोहम्मद इमरान रजा, डीसी, जींद