31जेएनडी40: सुबह के समय आसमान में छाया स्मॉग। संवाद
जींद। जिले में एक्यूआई कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इसके लिए प्रशासन की तरफ से भी कोई प्रबंधन शुरू नहीं किए गए। प्रदूषण नियंत्रण के लिए जिले में एक सप्ताह से ग्रैप दो भी लागू है लेकिन नियमों की पालना नहीं होने से इसका भी लाभ लोगों को नहीं मिल रहा।
शुक्रवार को जिले में प्रदूषण में कुछ हद तक राहत तो जरूर मिली लेकिन यह आमजन के लिए खतरनाक स्तर पर ही चला हुआ है। बढ़ता प्रदूषण आमजन को धीरे धीरे अपनी चपेट में ले रहा है। इसके कारण अस्पताल में आंखों में जलन, जुखाम, खांसी व सांस के रोगियों के लिए परेशानी बनी हुई है। हालांकि बुजुर्ग व बच्चों पर प्रदूषण का ज्यादा प्रभाव देखा जा रहा है।
जिले में हर कोई प्रदूषण से परेशान है। इसके लिए चिकित्सक भी मरीजों को बाहर निकलने से बचने की सलाह दे रहे हैं। प्रदूषण के सूक्ष्म कण आंखों की सतह को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे एलर्जिक और ड्राई आई सिंड्रोम जैसी समस्याएं हो रही हैं।
बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। इनमें से 15 मरीज महिलाएं और बच्चे हैं जिन्हें आंखों में झनझनाहट और सिरदर्द की शिकायत है। लंबे समय तक 200 से ऊपर एक्यूआई रहने से श्वसन रोग, हृदय समस्याएं और कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।