जलघर में पानी का निरीक्षण करते हुए जन स्वास्थ्य विभाग के जिला सलाहकार रणधीर मताना। संवाद
जींद। जिले में फिलहाल पेयजल संकट की स्थिति नहीं है। करीब एक सप्ताह पहले आई नहर के दौरान जन स्वास्थ्य विभाग ने सभी जलघरों के टैंकों को भरवा दिया था जिससे शहर और अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की सप्लाई सामान्य बनी हुई है। जिन क्षेत्रों में नहर का पानी उपलब्ध नहीं हो पाया वहां ट्यूबवेलों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की जा रही है।
आगामी 20 दिनों के बाद जिले में पेयजल किल्लत गहरा सकती है। इसका कारण यह है कि जलघरों में सीमित मात्रा में ही पानी संग्रहित किया जा सकता है जबकि नहर का पानी 45 दिन के अंतराल के बाद आता है। ऐसे में यदि पानी की खपत अधिक रही तो कई क्षेत्रों में संकट की स्थिति बन सकती है।
वर्तमान में जिले के कुछ गांवों में पानी की समस्या बनी हुई है। जिन गांवों में केवल ट्यूबवेल आधारित व्यवस्था है वहां एक समय ही पानी छोड़ा जा रहा है। ग्रामीणों को सुबह या शाम सीमित समय के लिए पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। गर्मी बढ़ने के साथ पानी की मांग भी लगातार बढ़ रही है, जिससे आने वाले दिनों में दबाव और बढ़ सकता है।
जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध पानी का संतुलित उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। जलघरों में मौजूद पानी को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए सप्लाई प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही लीकेज रोकने और अनावश्यक पानी बहाने वालों पर भी नजर रखी जा रही है।
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पानी का दुरुपयोग न करें और जरूरत के अनुसार ही इस्तेमाल करें ताकि आने वाले दिनों में संभावित पेयजल संकट से राहत मिल सके।
-रणधीर मताना जिला सलाहकार जन स्वास्थ्य विभाग