जींद। जिला के 13 गांवों को अब नई तहसील मिलेगी। प्रशासन ने इन गांव का जमीनी रिकॉर्ड नए तहसील में भेज दिया है, जिससे अब यह गांव सही तरीके से नई तहसीलों से जुड़ गए हैं। इन गांव में 11 गांव को जींद से हटाकर जुलाना में जोड़ दिया है वहीं दो गांव बड़नपुर और सुंदरपुरा को उचाना से हटाकर वापस नरवाना से जोड़ दिया है। हालांकि इन दोनों गांव ने तो इस मांग को लेकर लोकसभा चुनाव का बहिष्कार भी कर दिया था। अब इन गांवों के लोगों को जमीन से जुड़ी जानकारी नई तहसील में ही मुहैया होगी। वहीं ग्रामीणों को कार्य के लिए 15 से 20 किमी. दूर घूमकर उचाना तहसील जाना पड़ता था, वह इसमें करीब 5 से 7 किलोमीटर की कमी जाएगी। इससे करीब आधे घंटे का समय बचेगा। अब लोगों को दूरी से राहत मिल जाएगी।
जिला प्रशासन ने जींद तहसील के 11 गांव को जुलाना से जोड़ दिया है। वहीं उचाना के गांव बड़नपुर और सुंदरपुरा को भी नरवाना तहसील से जोड़ दिया है। इन गांव में बराड़ खेड़ा, किनाना, शामलो खुर्द, खेमा खेड़ी, शामलो कलां, रामकली, पड़ाना, ढिगाना, भैरो खेड़ा, ललित खेड़ा और निडाना गांव शामिल है। इसके अलावा बड़नपुर और सुंदरपुरा गांव को भी उचाना से हटाकर नरवाना तहसील से जोड़ दिया है। हालांकि इन गांव के लोगों की मांग भी थी कि उन्हें पुरानी तहसील से ही जोड़ा जाए, क्योंकि मंगलपुर और सुंदरपुरा गांव तो ऐसे थे, जिनसे नरवाना तहसील मात्र पांच-छह किमी. दूर थी, लेकिन प्रशासन ने इन गांव को उचाना तहसील से जोड़ दिया।
नरवाना तहसील में हुए सबसे ज्यादा 61 गांव
जिला में कुल 305 गांव हैं। इनमें नरवाना तहसील में सबसे ज्यादा गांव 61 हो गए हैं। इसके बाद दूसरे स्थान पर जींद तहसील है, जिसमें 59 हो गए हैं। सफीदों तहसील में 44 और जुलाना तहसील में अब 11 गांव जुडक़र 41 गांव हो गए हैं। उचाना में दो घटकर 45 गांव हो गए हैं। वहीं पिल्लूखेड़ा उपतहसील में 27 और अलेवा उपतहसील में 28 गांव हैं।
गांव
जींद से दूरी
जुलाना से दूरी
बराड़ खेड़ा
12 किमी.
17 किमी.
किनाना
7
18
शामलो खुर्द
10
16
खेमाखेड़ी 11
15
शामलो कलां
10
16
रामकली 11
15
पड़ाना
12
14
ढिगाना
13
13
भैरोखेड़ा
15
18
निडाना
14
17
ललित खेड़ा
14
16
पहले नरवाना तहसील में था सुंदरपुरा
सुंदरपुरा के सरपंच सुखविंदर ने बताया कि उनका गांव सुंदरपुरा पहले नरवाना तहसील में था। वर्ष 2017 में सरकार ने उनके गांव को उचाना तहसील में जोड़ दिया था। 2017 से ही ग्रामीण नरवाना तहसील में अपने गांव को जोड़ने की मांग कर रहे थे। इसके अलावा पूरे गांव की केवल एक ही खेवट है। इस कारण भी उनको परेशानी उठानी पड़ती है।
नरवाना से महज पांच किमी. दूर है बड़नपुर
बड़नपुर के सरपंच गगनदीप ने कहा कि वह किसी भी काम के लिए नरवाना ही जाते हैं। नरवाना उनसे पांच किमी. दूर है। केवल उनको तहसील के कार्य करवाने के लिए ही उचाना जाना पड़ता था। वह भी 2017 से ही अपने गांव को फिर से नरवाना तहसील में जोड़ने की मांग कर रहे थे। अब सरकार ने उनकी मांग पूरी कर दी है।
जिला के 13 गांव का रिकॉर्ड नए तहसीलों में भेज दिया है। इनमें 11 गांव को जींद से जुलाना में जोड़ा है वहीं दो गांव को उचाना से नरवाना तहसील में जोड़ दिया है। अब इन गांव का जमीनी रिकॉर्ड नई तहसील में ही मिलेगा।
राजकुमार, जिला राजस्व अधिकारी, जींद