11जेएनडी27: दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में मौजूद शिक्षक। संवाद
जींद। जिले में निपुण भारत मिशन के तहत आयोजित दो दिवसीय रेमीडियल प्रशिक्षण कार्यक्रम का रविवार को समापन हुआ। प्रशिक्षण जिले के प्राथमिक शिक्षकों के साथ अन्य जिलों के शिक्षकों के लिए भी उपयोगी सिद्ध हुआ।
प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता एफएलएन के क्षेत्र में नवीन शिक्षण विधियों से परिचित कराना और विद्यार्थियों के अधिगम स्तर को सुदृढ़ बनाना था। प्रशिक्षण सत्र सुबह साढ़े नौ बजे से शाम साढ़े चार बजे तक चला। दोनों दिनों के दौरान शिक्षकों को विभिन्न विषयों पर व्यवहारिक एवं सैद्धांतिक प्रशिक्षण दिया गया। मास्टर ट्रेनरों ने प्रशिक्षण को सफल बनाने में भूमिका निभाई।
उन्होंने शिक्षकों को बच्चों की सीखने की गति के अनुसार शिक्षण की रणनीतियां अपनाने, रेमीडियल कक्षाओं के संचालन और शिक्षण सामग्री के प्रभावी उपयोग के बारे में जानकारी दी। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी महेंद्र सिंह के नेतृत्व में सभी खंड शिक्षा अधिकारियों ने अपने खंडों में प्रशिक्षण सत्रों का उत्कृष्ट संचालन किया।
जिला समन्वयक एफएलएन राजेश वशिष्ठ ने बताया कि जिले में यह प्रशिक्षण छह जनवरी से 11 जनवरी तक चला। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को समूहों में विभाजित कर विभिन्न शिक्षण गतिविधियों में शामिल किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों ने बच्चों की सीखने की कठिनाइयों को पहचानने और उन्हें दूर करने के लिए उपाय सीखे।
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों ने खेल आधारित शिक्षण, कहानी सुनाने की कला, गणितीय अवधारणाओं को सरल तरीके से समझाने की तकनीक, और भाषा शिक्षण के नए तरीकों पर ध्यान दिया। प्रतिभागी शिक्षकों ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से उन्हें कक्षा में बच्चों के साथ अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करने की प्रेरणा मिली है। कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी प्रतिभागी शिक्षकों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर बच्चों के सर्वांगीण विकास में अत्यंत सहायक सिद्ध होते हैं।