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Jind News: स्विमिंग कोच ने बताए फिटनेस बढ़ाने के तरीके

Fri, 21 Nov 2025 12:07 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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20जेएनडी23 : ​खिलाड़ियाें को ग्राउंड वर्कआउट के बारे में जानकारी देते कोच। स्रोत कोच
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जींद। स्विमिंग कोच राम ढुल ने खिलाड़ियों को फिटनेस बढ़ाने व प्रदर्शन सुधारने के लिए ग्राउंड कसरत की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि एक बेहतर तैराक वही है जिसका शरीर मजबूत हो, स्टैमिना बेहतर हो और मसल्स में पर्याप्त स्ट्रेंथ हो। उन्होंने बताया कि स्विमिंग केवल पानी का खेल नहीं है बल्कि यह पूरे शरीर की ताकत, संतुलन और लचीलापन मांगता है। ऐसे में ग्राउंड वर्कआउट तैराकों के लिए नींव का काम करता है।
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उनहाेंने खिलाड़ियों को फिटनेस बढ़ाने के कई आसान और असरदार तरीके बताए। उन्होंने कहा कि यदि तैराक नियमित रूप से पुश-अप, स्क्वाट, बर्पीज, प्लैंक और जम्पिंग जैक जैसे बेसिक एक्सरसाइज करें, तो उनका स्टैमिना और बॉडी कंट्रोल काफी बेहतर हो जाता है।
ग्राउंड एक्सरसाइज शरीर के उन हिस्सों को मजबूत बनाती हैं जो पानी में तेज गति से तैरने और लंबे समय तक बैलेंस बनाए रखने में मदद करते हैं। उन्होंने कहा कि ग्राउंड वर्कआउट तैराकों की शोल्डर स्ट्रेंथ, कोर मसल्स और लेग पावर को बढ़ाता है।
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तैराकी में अधिकतर शक्ति कंधों और पैरों से लगती है, इसलिए इन हिस्सों पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। कई खिलाड़ी केवल स्विमिंग पूल में अभ्यास करते हैं, लेकिन बिना ग्राउंड ट्रेनिंग के उनका प्रदर्शन सीमित रह जाता है। उन्होंने इसे तैराकों के लिए जरूरी बताते हुए कहा कि ग्राउंड ट्रेनिंग के बिना तैराकी में उत्कृष्ट प्रदर्शन संभव नहीं।


कोच ने खिलाड़ियों को वार्म-अप और कूल-डाउन के महत्व के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि बिना वार्म-अप के शरीर एक्सरसाइज की अचानक दबाव को सहन नहीं कर पाता और चोट लगने की संभावना बढ़ जाती है। वहीं कूल-डाउन से मांसपेशियों में ब्लड सर्कुलेशन सामान्य हो जाता है और थकान जल्दी दूर होती है। उन्होंने कहा कि रनिंग से फेफड़े मजबूत होते हैं, सहनशक्ति बढ़ती है। स्ट्रेचिंग से लचीलापन बढ़ता है, जो तैराकी की तकनीक में सुधार लाता है। उन्होंने खिलाड़ियों को डेली रूटीन बनाकर एक्सरसाइज करने की प्रेरणा दी और कहा कि केवल तकनीक सीखने से नहीं, बल्कि मजबूत शरीर से ही तैराक बना जा सकता है।
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-राम ढुल, कोच।
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