नागरिक अस्पताल के डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. रमेश पांचाल जहां मरीजों का उपचार कर उन्हें बीमारियोें से निदान दिला रहे हैं, वहीं उनकी गृहिणी पत्नी सुनीता पांचाल कला की कूची से जिंदगी में रंग भर रही हैं। उनकी पहचान चित्रकारी के लिए भारत में ही नहीं विदेशों में भी है। सुनीता को उनकी सुंदर चित्रकारी के कारण अब तक गोल्डन एक्सीलेंट अवॉर्ड, बेस्ट एंट्री अवॉर्ड आर्टिस्ट्री ऑफ वुमन, आईडब्ल्यूएस ऑनलाइन वाटर कलर कांटेस्ट, द ग्रेट इंडियन आर्ट जैसे सम्मान मिल चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर की हुई प्रतियोगिता में भी उन्होेंने प्रथम स्थान हासिल किया, जिसमें बीस देशों के चित्रकारों ने भाग लिया था।
कोरोना के बाद हुई ऑनलाइन प्रतियोगिताओं में हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी सुनीता पांचाल ने खूब शिरकत की। अंतरराष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में उन्हें बेस्ट एंट्री अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इस प्रतियोगिता में 13 देशों के चित्रकारों ने भाग लिया था। बंगाल आर्ट फार्म द्वारा आयोजित ऑनलाइन प्रतियोगिता में उन्हें गोल्ड एक्सीलेंट अवॉर्ड मिला। इस प्रतियोगिता में भी 20 देशों के चित्रकारों ने भाग लिया था। इसके अलावा उन्हें आर्टिस्ट ऑफ वुम न वाराणसी, मैक्सिको की केनगास डे ऑनीस इन ले डिस्टेंसिया प्रतियोगिता में भी प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। राष्ट्रीय आर्ट प्रतियोगिता में उन्हें द ग्रेट इंडियन आर्ट अवॉर्ड से नवाजा गया। प्रथम ऑनलाइन ग्रुप एग्जीबिशन कोलकाता द्वारा आयोजित प्रतियोगिता में उन्हें परंपरा अवॉर्ड से नवाजा गया।
सुनीता घर का समस्त कार्य देखने और दो बच्चों की जिम्मेदारी संभालते हुए अपनी चित्रकारी के लिए भी समय निकाल लेती हैं। सुनीता पांचाल ने पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से बीएफए पेंटिंग, काशी हिंदू विश्वविद्यालय से एमएफए पेंटिंग, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से बीएड की डिग्री हासिल करने के बाद चित्रकारी करने शुरू की है। वह अपनी पेंटिंग के माध्यम से लोगों को जागरूक करती रहती हैं। गीता जयंती महोत्सव में उनके द्वारा बनाई गई लकड़ी की कलाकृतियां प्रदर्शित की जा चुकी हैं।
सुनीता पांचाल द्वारा बनाई गई पेंटिंग।- फोटो : Jind
सुनीता पांचाल द्वारा बनाई गई पेंटिंग।- फोटो : Jind