जींद। कोरोना महामारी के दौरान जब लोग घरों में कैद थे तब सेक्टर-8 निवासी अध्यापिका सुमन सहारण ने खाली समय को प्रकृति के साथ जोड़ने का निर्णय लिया। यूट्यूब पर बागवानी से जुड़े वीडियो देखते-देखते पौधे लगाने का ऐसा शौक लगा कि आज घर में 200 से अधिक प्रकार के फूलदार, औषधीय और सजावटी पौधे लगा चुकी हैं।
सुमन सहाराण की बगिया न केवल घर की सुंदरता बढ़ा रही है बल्कि पूरे परिवार को स्वास्थ्य और मानसिक शांति का उपहार भी दे रही है। उन्होंने शुरुआत कुछ गमलों से की थी लेकिन धीरे-धीरे यह शौक जुनून में बदल गया। अब वह जहां भी घूमने जाती हैं वहां से नई प्रजाति का पौधा जरूर लेकर आती हैं।
उनके घर में गुलाब, गुड़हल, गेंदा, पेटूनिया, चमेली, मोगरा, रजनीगंधा और विभिन्न रंगों के मौसमी फूलों के अलावा एलोवेरा, तुलसी, अजवाइन, पुदीना, लेमनग्रास और अन्य औषधीय पौधे भी लगे हुए हैं। उनका कहना है कि तुलसी और लेमनग्रास से तैयार चाय रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करती है जबकि एलोवेरा त्वचा और स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है।
घर में लगे फूलदार पौधे वातावरण को सुगंधित बनाते हैं और तनाव कम करने में सहायक होते हैं। हरियाली से घिरा वातावरण परिवार के सदस्यों को मानसिक सुकून देता है। बच्चों में प्रकृति के प्रति लगाव भी बढ़ाता है। सुमन प्रतिदिन स्कूल से ड्यूटी पूरी कर लौटने के बाद पौधों की देखभाल में समय बिताती हैं। पौधों को पानी देना, खाद डालना और नई किस्मों की देखरेख करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। उनकी मेहनत का परिणाम यह है कि उनका घर किसी छोटे से उद्यान जैसा नजर आता है।
कई परिवारों ने भी अपने घरों में पौधे लगाने शुरू किए
सुमन की बगिया से प्रभावित होकर आसपास के कई परिवारों ने भी अपने घरों में पौधे लगाने शुरू किए हैं। उनका मानना है कि यदि हर घर में कुछ पौधे लगाए जाएं तो न केवल पर्यावरण संरक्षण होगा बल्कि लोगों का स्वास्थ्य और जीवन स्तर भी बेहतर होगा। उनकी यह बगिया प्रकृति प्रेम और पर्यावरण संरक्षण का सुंदर संदेश दे रही है।