जींद में ऑटो यूनियन की हड़ताल।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
जींद शहर के अंदर से रोडवेज और निजी बसें गुजारे जाने के विरोध में गुरुवार को ऑटो चालकों ने हड़ताल कर दी। इस दौरान शहर में अलग-अलग स्थानों पर यूनियन के कार्यकर्ता मौजूद रहे। जहां भी कोई ऑटो वाला सवारी बैठाते हुए मिलता जबरन वहां सवारियां उतरवा दी गई। इसके चलते ऑटो चालकों व यूनियन कार्यकर्ताओं में जगह-जगह बहस भी हुई। ऑटो न चलने के चलते आमजन को परेशानी हुई। वहीं ई-रिक्शा चलने के चलते लोगों को थोड़ी राहत भी मिली।
ऑटो यूनियन ने तीन दिन पहले डीसी डा. मनोज कुमार को ज्ञापन सौंप कर शहर के अंदर से गुजरने वाली बसों को बंद करवाने की मांग की थी। ऑटो यूनियन के जिलाध्यक्ष मनजीत रेढू ने बताया कि शहर के अंदर से निजी बस संचालक बसों को गुजार रहे हैं। जिसके चलते ऑटो संचालकों को परेशानी हो रही है। इसके कारण न तो ऑटो की किश्त ही समय पर जमा करवा पाते और न ही उनके परिवार का गुजारा आसानी से चलता है।
बसों को बंद करवाने की मांग को लेकर तीन दिन पहले डीसी से मिल कर पांच अक्तूबर तक शहर के अंदर चलने वाली बसों को बंद करवाने का अल्टीमेटम दिया था। बावजूद इसके प्रशासन ने शहर के अंदर से गुजरने वाली बसों को बंद करवाने के लिए कोई काम नहीं किया। इसके विरोध में गुरुवार को शहर में ऑटो को पूर्ण रुप से बंद कर लघु सचिवालय पर धरना दिया गया है। जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती तब तक धरना जारी रहेगा। प्रधान मनजीत सिंह रेढू व विजय दलाल ने बताया कि हड़ताल में शहर के अंदर चलने वाले 700 से ज्यादा ऑटो व ई-रिक्शा चालक शामिल रहे हैं। प्रशासन को चाहिए कि उनकी मांग को पूरा करे ताकि वो भी ऑटो के सहारे अपनी रोजी रोटी चला सकें।