गांव मलार में बुधवार को हुए दर्दनाक हादसे में तीन मजदूरों की मौत हो गई। तूड़े (भूसे) से लदी ट्रॉली 11 हजार वोल्ट के तारों की चपेट में आ गई, जिससे करंट लगने के कारण तीनों को अपनी जान गंवानी पड़ी। तीनों पानीपत जिले के निवासी थे। इनकी पहचान गांव गढ़ी बेसर निवासी आमिर (25), अमजद (27) व गांव राणा माजरा निवासी मोमिन (23) के रूप में हुई है। वहीं गांव गढ़ी बेसर निवासी निजवान नामक दो युवकों को करंट का झटका लगा, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।
डीएसपी धर्मबीर खर्ब ने बताया कि पानीपत के गढ़ी बसेरा गांव निवासी एक ही परिवार के 12 लोग तूड़े का व्यापार करने वाले व्यक्ति के यहां काम करते हैं। व्यापारी अलग-अलग जगहों से तूड़ा खरीदकर उत्तर प्रदेश के मेरठ में बेचता है। मजदूर मंगलवार शाम को ट्रॉली में तूड़ा लादने के लिए गांव मलार आए हुए थे। बुधवार को मजदूर एक खेत में रखे तूड़े को ट्रॉली में लादकर लौट रहे थे। रास्ता कच्चा होने के कारण ट्रॉली धंस गई। जिस जगह पर ट्रॉली धंसी थी वहां पर ऊपर से 11 हजार वोल्ट के तार गुजर रहे थे। मजदूर ट्रॉली को खींचकर बाहर निकालने का प्रयास कर रहे थे तो वह ऊपर से गुजर रहे तारों से छू गई। तूड़ों को ढंकने के लिए बांधे गए तिरपाल के गीला होने के कारण उसमें करंट आ गया। करंट लगने से ट्रॉली को खींच रहे तीन मजदूरों की मौत हो गई। दो मजदूरों को करंट का झटका लगा, जिन्हें प्राथमिक उपचार देने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
मोमिन का फाइल फोटो- फोटो : Jind
आमिर का फाइल फोटो।- फोटो : Jind