11जेएनडी03: प्रोफेसर रामपाल सैनी।
जींद। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय (सीआरएसयू) परिसर स्थित डॉ. बीआर आंबेडकर लाइब्रेरी में ज्ञान और शिक्षा की प्रतीक देवी सरस्वती की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रतिमा के डिजाइन, निर्माण, सप्लाई और स्थापना कार्य पर लगभग 10 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
लाइब्रेरी के ग्राउंड फ्लोर पर पेडस्टल समेत देवी सरस्वती की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। प्रतिमा का डिजाइन आकर्षक और परिसर की शैक्षणिक गरिमा के अनुरूप तैयार किया जाएगा। इसके लिए अनुभवी एजेंसियों और शिल्पकारों से निविदाएं मांगी गई हैं। टेंडर की वित्तीय बोली दो जुलाई को खोली जाएगी, जिसके बाद चयनित एजेंसी को कार्य आवंटित किया जाएगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि देवी सरस्वती की प्रतिमा विद्यार्थियों को शिक्षा, ज्ञान और संस्कारों के प्रति प्रेरित करेगी। डॉ. बीआर अंबेडकर लाइब्रेरी विश्वविद्यालय की प्रमुख शैक्षणिक इकाइयों में शामिल है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में विद्यार्थी अध्ययन और शोध कार्य के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में प्रतिमा स्थापना से पुस्तकालय का वातावरण और अधिक प्रेरणादायी एवं सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनेगा।
प्रतिमा के साथ आकर्षक पेडस्टल, आसपास सुंदरीकरण तथा आवश्यक प्रकाश व्यवस्था की भी व्यवस्था की जाएगी, ताकि यह स्थल विद्यार्थियों और आगंतुकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बन सके। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द ही स्थापना कार्य शुरू कराने की तैयारी में है। इससे परिसर की सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक पहचान को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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डॉ. बीआर आंबेडकर लाइब्रेरी में ज्ञान और शिक्षा की प्रतीक देवी सरस्वती की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। यह विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनेगी। इस पर 10 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका टेंडर लगवाया दिया गया है।
-प्रोफेसर रामपाल सैनी, कुलपति सीआरएसयू जींद।