जींद। डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने बताया कि प्रदेश सरकार ने महिलाओं के सशक्तीकरण और उनकी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए मातृ शक्ति उद्यमिता योजना की शुरुआत की है। इस योजना के अंतर्गत राज्य की महिलाओं को तीन लाख रुपये तक का ऋण प्रदान किया जाएगा। इससे वे अपने व्यवसाय शुरू कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें। इस योजना का संचालन हरियाणा महिला विकास निगम के माध्यम से किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह योजना विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए है जिनकी वार्षिक आय पांच लाख रुपये से कम है और जो हरियाणा की स्थाई निवासी हैं। योजना का लाभ उठाने के लिए महिला की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए और उसे किसी भी पूर्व ऋण की डिफाल्टर नहीं होना चाहिए। ऋण लेने वाली महिलाओं को सरकार की ओर से तीन वर्षों तक समय पर किस्त चुकाने पर सात प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाएगा। योजना के तहत महिलाएं विभिन्न व्यवसायों के लिए ऋण प्राप्त कर सकती हैं। जिनमें ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा, टैक्सी, ब्यूटी पार्लर, बुटीक, फूड स्टॉल, पापड़-अचार बनाने जैसे कार्य शामिल हैं। इसके अलावा, हलवाई की दुकान, टिफिन सर्विस, मिट्टी के बर्तन बनाने और फोटोस्टेट की दुकान जैसे विकल्प भी उपलब्ध हैं। योजना के लिए आवेदन करने के इच्छुक लाभार्थियों को आवेदन पत्र के साथ आधार कार्ड, परिवार पहचान पत्र, राशन कार्ड, रिहायशी प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, प्रोजेक्ट रिपोर्ट और ट्रेनिंग प्रमाण पत्र जमा करना होगा। सभी दस्तावेजों की दो-दो प्रतियां अनिवार्य हैं।